यमुना प्राधिकरण की 86वीं बोर्ड बैठक: किसानों, निवेशकों और ग्रामीण विकास पर बड़े फैसले

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संचार नाउ। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की 86वीं बोर्ड बैठक शनिवार को प्राधिकरण कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता चेयरमैन आलोक कुमार ने की, जबकि सीईओ राकेश कुमार सिंह सहित बोर्ड के अन्य सदस्य मौजूद रहे। बैठक में वित्तीय अनुशासन, किसानों को लाभ पहुंचाने, ग्रामीण विकास और निवेश को बढ़ावा देने से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी।

इस दौरान सीईओ राकेश कुमार सिंह ने कहा कि प्राधिकरण किसानों और निवेशकों दोनों के हितों को संतुलित करते हुए आगे बढ़ रहा है। हमारा लक्ष्य है कि किसानों को उनका हक समय पर मिले और निवेशक यहां सुरक्षित व अनुकूल माहौल में अपनी इंडस्ट्री स्थापित कर सकें। उन्होंने कहा कि यमुना प्राधिकरण आने वाले वर्षों में न सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर औद्योगिक निवेश का हब बनेगा, बल्कि ग्रामीण और शहरी विकास का संतुलित मॉडल भी प्रस्तुत करेगा।

वित्तीय अनुशासन और आय-व्यय का आकलन

बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्राधिकरण की कुल आय 2063.41 करोड़ रुपये रही। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आय का अनुमान 1474 करोड़ रुपये लगाया गया है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि आगे की कार्ययोजना वित्तीय अनुशासन को ध्यान में रखते हुए तैयार की जाएगी, जिससे सभी परियोजनाएं समयबद्ध पूरी हो सकें।

किसानों को 64.7% अतिरिक्त मुआवजा

बोर्ड ने भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को राहत देते हुए 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा (No Litigation Incentive) देने का निर्णय लिया। इस योजना के तहत लगभग 2835 करोड़ रुपये किसानों को दिए जाएंगे। इससे वर्षों से लंबित विवाद सुलझने की उम्मीद है और विकास कार्यों में तेजी आएगी।

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आवासीय भूखंडों का आवंटन

बैठक में यह जानकारी दी गई कि प्राधिकरण ने अब तक 29 गांवों में 6260 आवासीय भूखंडों का आवंटन किया है। इनमें से 4711 भूखंडों का कब्जा पहले ही लाभार्थियों को दिया जा चुका है। शेष भूखंडों का आवंटन व कब्जा देने की प्रक्रिया प्रगति पर है।

स्मार्ट विलेज योजना पर जोर

मास्टर प्लान-2041 के तहत 107 गांवों को स्मार्ट विलेज योजना में शामिल किया गया है। प्रथम चरण में चुने गए 29 गांवों में सड़क, सीवर, स्ट्रीट लाइट, चौपाल और सामुदायिक भवन जैसे विकास कार्य किए जा रहे हैं। अब तक 9 गांवों में कार्य पूर्ण हो चुका है जबकि 10 गांवों में तेजी से कार्य चल रहा है। वर्ष 2026 तक प्रथम चरण का कार्य पूरा करने का लक्ष्य है।

निवेश और उद्योग के लिए नए अवसर

बैठक में निवेश और रोजगार के नए अवसरों पर भी चर्चा हुई। नोएडा अपरैल एक्सपोर्ट्स क्लस्टर (NSEC) में अब तक 61 कंपनियों ने लीज डीड साइन कर ली है, जिनमें से 16 कंपनियों ने निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है। इसी प्रकार मेडिकल डिवाइस पार्क में 73 भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है। इससे हजारों लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

ग्रामीण विकास और आधारभूत सुविधाएँ

बोर्ड ने ग्रामीण इलाकों में आधारभूत ढांचा मजबूत करने पर बल दिया। गांवों में सामुदायिक भवन, चौपाल, पेयजल व्यवस्था और सड़कें बनाने के लिए बजट आवंटन किया गया। साथ ही, क्षेत्र में स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े प्रोजेक्ट्स को भी गति देने का निर्णय लिया गया।

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