Noida News: पुलिस संरक्षण में चल रही थी ड्रग्स फैक्टरी, जांच में दस पुलिसकर्मी दोषी

Sanchar Now
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ग्रेटर नोएडा। सूरजपुर व बीटा दो कोतवाली क्षेत्र में पकड़ी गई ड्रग्स फैक्ट्री के मामले में दस पुलिसकर्मियों को जांच में दोषी किया गया है। जांच में पाया गया कि पुलिस की लापरवाही से चार साल तक दोनों कोतवाली क्षेत्र में ड्रग्स फैक्ट्री चली और वहां से ड्रग्स देश विदेश में सप्लाई हुई।

19 मई 2019 से 19 मई 2023 तक सूरजपुर व बीटा दो कोतवाली में बतौर प्रभारी तैनात रहे, संबंधित चौकी प्रभारी व बीट सिपाही के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अपनी बात रखने के लिए पुलिसकर्मी उच्च अधिकारियों के समक्ष अपील करेंगे।

एडिशनल डीसीपी नोएडा ने की थी मामले की जांच

पूरे प्रकरण की जांच एडिशनल डीसीपी नोएडा शक्ति अवस्थी ने की। पुलिसकर्मियों को दोषी संबंधित रिपोर्ट पुलिस आयुक्त को प्रेषित की जा चुकी है। हालांकि जिन पुलिसकर्मियों को जांच में दोषी माना गया है, उनमें कुछ अब जिले से जा चुके है और कुछ जाने वाले है।

500 करोड़ की ड्रग्स हुई थी बरामद

दरअसल, ग्रेटर नोएडा के सेक्टर थीटा व मित्रा इंक्लेव सोसायटी में दो अलग-अलग ड्रग्स फैक्ट्री का पुलिस ने भंडाफोड़ किया था। दोनों फैक्ट्री मई के महीने में पकड़ी गई थी। पुलिस ने मौके से 500 करोड़ की कीमत की 70 किलोग्राम ड्रग्स बरामद की थी।

कुल 11 आरोपितों के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। जब फैक्ट्री पकड़ी गई तो पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की थी। पुलिस आयुक्त के आदेश पर पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच शुरू हुई थी।

अब पुलिसकर्मियों को जांच में दोषी पाया गया है। ग्रेटर नोएडा में संचालित की गई ड्रग्स फैक्ट्री में तैयार की गई ड्रग्स को समुद्री रास्ते से गोवा, मुंबई व गुजरात भी भेजा जाता था।

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इसकी जिम्मेदारी माइकल की थी। वह ही फैक्ट्री से ड्रग्स लेकर दिल्ली जाता था। उसके बाद उसको अलग-अलग कोरियर कंपनी के माध्यम से विदेश भी भेजता था। हालांकि अभी तक माइकल की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

इन लोगों की हुई थी गिरफ्तारी

नाइीजिरिया के रहने वाले अनुडुम इमैनुएल, जोकू उबाका, डेनियल अजूह, ड्रामेमोंड, लीवी जू, जैकेब एमिली, कोफी, चिडी जीयागवा, जोकू लेची व अन्य

ऐसे बनती थी ड्रग्स

आरोपित एपहेड्राइन को बाकी कैमिकल्स के साथ बर्नर में कुक करते थे। कुक करने के बाद मैथ को ऐसेटोन, एथनाल व मिथनाल के साथ शाल्यूशन में एक्सट्रैक्ट किया जाता था।

एक्सट्रैक्शन के बाद मैथ को मिथनाल व ऐसे टोन के शाल्यूशन में फ्रीज किया जाता था। फ्रीज के बाद प्योर मैथ तैयार होता था। आरोपित आनलाइन ड्रग्स बनाने की विधि देखकर ड्रग्स तैयार करते थे।

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