लेबनान में पेजर ब्लास्ट का मिला केरल कनेक्शन! क्या वायनाड के शख्स के साथ इजरायल ने की थी डील?

Sanchar Now
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लेबनान में हज़ारों पेजर फटने से लगभग 20 लोगों की मौत हो गई और बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं जिसमें अधिकतर हिज्बुल्लाह के लड़ाके बताए जा रहे हैं. दुनियाभर में इस बात की चर्चा हो रही है कि आखिर पेजर किस कंपनी के जरिए हिज्बुल्लाह के पास पहुंचे. इन सबके बीच इन धमाकों का एक हैरान करने वाला केरल कनेक्शन भी सामने आया है.

दरअसल, हिज्बुल्लाह ने इन धमाकों के लिए इजरायल को ज़िम्मेदार ठहराया है. वहीं इजरायल ने अभी तक प्रत्यक्ष तौर पर इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है. धमाकों के बाद दुनिया यह समझने की कोशिश कर रही है कि कैसे इजरायली जासूसी एजेंसियां पेजर के जरिए धमाके करते हैं. आश्चर्यजनक रूप से, कंपनियों और शेल फर्मों के मकड़जाल में केरल में जन्मे एक व्यक्ति का नाम भी सामने आया है, जो अब नॉर्वे का नागरिक है.

केरल के रहने वाले रिनसन की थी नॉर्टा ग्लोबल कंपनी

हंगरी के एक मीडिया आउटलेट टेलेक्स ने बताया कि लेबनान में मंगलवार को हुए पेजर विस्फोट के सिलसिले में मलयाली और अब नॉर्वे के नागरिक रेनसन जोस की संलिप्तता की जांच की जा रही है. टेलेक्स  के मुताबिक, पेजर के सौदे के पीछे एक बल्गेरियाई कंपनी, नॉर्टा ग्लोबल लिमिटेड का हाथ था. नॉर्टा ग्लोबल की स्थापना नॉर्वे के नागरिक रिनसन जोस ने की थी. रिनस जोस मूल रूप से केरल के वायनाड स्थित मनंतावडी के रहने वाले हैं और आखिरी बार 2013 में अपने गृहनगर आए थे.

केरल के कई मीडिया आउटलेट्स ने शुक्रवार को बताया कि रिनसन जोस का जन्म वायनाड में हुआ था और एमबीए पूरा करने के बाद वे नॉर्वे चले गए. कुछ स्थानीय टीवी चैनलों ने उनके रिश्तेदारों से भी बात की.

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दर्जी हैं रिनसन के पिता

मनोरमा ऑनलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, रिनसन के पिता, जोस मूथेडम, एक दर्जी हैं और उन्होंने मनंतावडी में एक दर्जी की दुकान में काम करते हैं. उन्होंने बताया कि इलाके में उन्हें ‘टेलर जोस’ के नाम से जाना जाता है. बुल्गारियाई सुरक्षा एजेंसी SANS की जांच में पाया गया कि देश से ऐसा कोई शिपमेंट नहीं गुजरा, जिससे रिनसन जोस और उनके नॉर्टा ग्लोबल को मंजूरी मिली हो.

कौन हैं रिनसन

बुल्गारिया की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी द्वारा रिनसन जोस को क्लीन चिट दिए जाने से पहले ही भारत में, खास तौर पर उनके गृह राज्य केरल में उन्हे लेकर चर्चा हो रही है. रिनसन के चचेरे भाई अजू जॉन ने मनोरमा ऑनलाइन को बताया, “उन्होंने मुझे बुल्गारिया में अपनी किसी कंपनी या वहां अपने किसी व्यापारिक संबंध के बारे में कभी नहीं बताया. हम बहुत चिंतित हैं, क्योंकि यह आतंकवादी संगठनों पर हमले से जुड़ा है.”

स्थानीय मीडिया ने यह भी बताया कि रिनसन का एक जुड़वां भाई जिनसन है, जो यूके में है और एक बहन आयरलैंड में है. यह पता चला कि रिनसन पिछले साल नवंबर में भारत आया था और जनवरी में वापस चला गया था.

उनके चाचा थंकाचन ने मनोरमा ऑनलाइन को बताया, “रिनसन ने मैरी माथा कॉलेज, मनंतावडी से ग्रेजुएशन किया. एमबीए की पढ़ाई पूरी की और नॉर्वे में केयरटेकर के तौर पर चला गया और बाद में कुछ व्यापारिक फर्मों में चला गया. हमें उसकी नौकरी या उसके व्यवसाय के बारे में नहीं पता है.”

इन सबके बीच, यह जानना दिलचस्प है कि केरल में जन्मा एक शख्स कैसे उन लोगों की लिस्ट में शामिल हो गया जिनके तार किसी भी तरह से पेजर से जुड़े हो सकते हैं. हिज्बुल्लाह सदस्यों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे हज़ारों पेजर के फटने के बाद, सबका ध्यान इस तरफ गया कि पेजर निर्माता कंपनी कौन हैं.

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शेल कंपनियों का मकड़जाल

यह महाद्वीपों में फैली कंपनियों का एक जटिल जाल है. जटिलता का एक कारण यह हो सकता है कि इजरायलियों ने न केवल हिज्बुल्लाह को धोखा देने के लिए, बल्कि किसी भी जांचकर्ता को उलझाने के लिए शेल कंपनियां बनाईं. हिज्बुल्लाह सदस्यों के साथ फटने वाले पेजर पर ताइवान की कंपनी गोल्ड अपोलो का ब्रांड नाम था.

हालांकि, गोल्ड अपोलो के संस्थापक और अध्यक्ष ह्सू चिंग-कुआंग ने कहा कि “प्रोडक्ट हमारा नहीं है. इस पर केवल हमारा ब्रांड था.” गोल्ड अपोलो के अध्यक्ष ने फटने वाले पेजर को हंगरी स्थित कंपनी, बीएसी कंसल्टिंग से जोड़ा. ह्सू ने कहा कि वे पेजर बुडापेस्ट स्थित कंपनी द्वारा बनाए गए थे, जिसका उनकी फर्म के साथ तीन साल का लाइसेंसिंग समझौता था.

हालांकि, सूत्रों ने हंगरी के मीडिया आउटलेट टेलेक्स को बताया कि बीएसी कंसल्टिंग इस लेन-देन में केवल एक मध्यस्थ थी. टेलेक्स ने बताया कि बीएसी कोई काम नहीं करती है, यहां तक कि उसका कोई कार्यालय भी नहीं था.और यह केवल पते पर पंजीकृत थी. सबसे अधिक संभावना इस बात कि है कि बीएसी कंसल्टिंग इजरायल द्वारा स्थापित एक शेल कंपनी हो सकती है.

टेलेक्स ने बताया कि “बीएसी कंसल्टिंग की प्रबंध निदेशक क्रिस्टियाना बार्सोनी-आर्किडियाकोनो ने सोफिया स्थित एक बल्गेरियाई कंपनी नॉर्टा ग्लोबल लिमिटेड के साथ सौदा किया.” बुल्गारिया स्थित इस नॉर्टा ग्लोबल की स्थापना कथित तौर पर केरल के वायनाड में जन्मे रिनसन जोस ने की है.

रिनसन जोस कैसे जांच के घेरे में आए

टेलेक्स के मुताबिक, “हालांकि कागजों पर यह बीएसी कंसल्टिंग थी जिसने गोल्ड अपोलो के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन वास्तव में सौदे के पीछे नॉर्टा ग्लोबल [पेजर] थी.” यह मध्य पूर्व-केंद्रित वेबसाइट द क्रैडल थी जिसने नॉर्टा ग्लोबल को रिनसन जोस से जोड़ा.

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द क्रैडल की रिपोर्ट के अनुसार, नॉर्टा ग्लोबल की स्थापना 2022 में नॉर्वेजियन नागरिक रिनसन जोस ने की थी. यह बुल्गारिया की राजधानी सोफिया में एक आवासीय पते पर पर “मुख्यालय सेवा प्रदाता” के साथ ” पंजीकृत था, जिस पर 196 अन्य कंपनियों की मेज़बानी करता है.

बुल्गारिया की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (SANS) द्वारा की गई जांच ने रिनसन जोस और उनके नॉर्टा ग्लोबल को क्लीन चिट दे दी.

अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि लेबनान में हिजबुल्लाह लड़ाकों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे पेजर का निर्माण वास्तव में किसने किया था. कंपनियों के जटिल जाल में केरल में जन्मा एक व्यक्ति भी जांच के घेरे में आ गया. हालांकि राहत की बात यह है कि उसे और उसकी कंपनी को घातक धमाकों से जुड़े होने के आरोपों से मुक्त कर दिया गया है.

 

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