महाकुंभ में तैनात पुलिसकर्मियों को मिलेगी 1 हफ्ते की छुट्टी, मेडल और प्रशस्तिपत्र से किए जाएंगे सम्मानित

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ-2025 की पूर्णाहुति के अवसर पर गुरुवार को गंगा मंडपम में आयोजित एक विशेष संवाद कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने महाकुंभ को दुनिया का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक आयोजन करार देते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजनरी नेतृत्व और पुलिस बल के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया. सीएम ने पुलिसकर्मियों के धैर्य और शालीनता की प्रशंसा की. उन्होंने घोषणा की कि महाकुंभ में ड्यूटी देने वाले 75 हजार जवानों को ‘महाकुम्भ सेवा मेडल’ और प्रशस्तिपत्र दिया जाएगा. साथ ही, अराजपत्रित पुलिसकर्मियों को 10 हजार रुपए का स्पेशल बोनस और सभी को फेज वाइज एक सप्ताह का अवकाश प्रदान किया जाएगा.

मुख्यमंत्री योगी आदित्नयाथ ने पुलिसकर्मियों से अपने संबोधन में कहा कि महाकुंभ जैसा विशाल आयोजन एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन हमने इसे एक ऊंची चोटी तक पहुंचाया. यह आप सभी के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है. अगर हम समस्या के बारे में सोचते तो बहाने मिलते, लेकिन समाधान के बारे में सोचा तो रास्ते मिले. हमने समाधान का रास्ता चुना और इसे दुनिया का सबसे बड़ा आयोजन बनाया.

उन्होंने पीएम मोदी के ‘दिव्य-भव्य और डिजिटल कुंभ’ के थीम की चर्चा करते हुए कहा कि यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक समृद्धि और आर्थिक प्रगति का प्रतीक बन गया है. उन्होंने महाकुंभ की आलोचना करने वालों को भी खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि जो महाकुंभ का भागिदार बना होगा, वही इसके स्किल और स्केल के बारे में समझ पाएगा. किसी कोने में बैठकर विद्वेष भाव से टिप्पणी कर देना आसान बात है. उन्होंने महाकुंभ के दौरान पुलिसकर्मियों के धैर्य और शालीनता की प्रशंसा की और कहा कि कई बार कुछ लोग जवानों को धक्का भी दे देते थे, तब भी हमारे जवानों ने सहनशीलता का परिचय दिया.

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आस्था और अर्थव्यवस्था का ऐसा अनोखा संगम दुनिया में कहीं नहीं दिखा

सीएम योगी ने बताया कि प्रयागराज के इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और महाकुंभ में राज्य सरकार ने करीब साढ़े 7 हजार करोड़ रुपए खर्च किए, जिसके परिणामस्वरूप राज्य की अर्थव्यवस्था में साढ़े 3 लाख करोड़ रुपए की अभूतपूर्व वृद्धि हुई. उन्होंने कहा कि दुनिया में कहीं भी आस्था को अर्थव्यवस्था के साथ इस तरह नहीं जोड़ा गया. भारत के ऋषियों ने कहा था कि यदि हम सही मार्ग पर चलें और आस्था का सम्मान करें तो अर्थ और कामनाओं की सिद्धि स्वतः प्राप्त होगी. महाकुंभ ने इसे साकार करके दिखाया.

सीएम योगी ने पुलिस सुधारों पर जोर देते हुए कहा कि 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने पुलिसकर्मियों की स्थिति को बेहतर करने का संकल्प लिया. उन्होंने कहा, ”लखनऊ पुलिस लाइन में टूटी छत और चारपाई पर सोते जवानों को देखकर मैंने तुरंत सुधार का फैसला लिया. आज यूपी पुलिस का बजट 40 हजार करोड़ रुपए है. हर जनपद में पुलिस बैरक की सबसे बड़ी इमारतें बन रही हैं.” उन्होंने बताया कि 54 पीएसी कंपनियों, जिन्हें समाप्त कर दिया गया था, उन्हें बहाल किया गया. 3 महिला बटालियन शुरू की गईं और एक लाख 56 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती पूरी की गई, जबकि 60 हजार की प्रक्रिया चल रही है. आगे 30 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती की जाएगा.

पुलिस ने चुनौतियों पर विजय पाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में उत्तर प्रदेश दंगों, माफिया राज और असुरक्षा से जूझ रहा था, लेकिन आज यह निवेश का ड्रीम डेस्टिनेशन बन चुका है. पहले जो माफिया वीआईपी बनकर घूमते थे, उनका सामना हमारी पुलिस से हुआ तो उसकी पैंट गीली हो गई. सीएम ने कहा कि महाकुम्भ में पुलिस ने क्राउड मैनेजमेंट, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया. मौनी अमावस्या पर एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना हुई, लेकिन 15-20 मिनट में ग्रीन कॉरीडोर बनाकर घायलों को इलाज मुहैया कराया गया. आग की घटनाओं को 10 मिनट में नियंत्रित किया गया, जिसमें कोई जनहानि नहीं हुई.

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