मोस्ट वांटेड तामराज नोएडा से गिरफ्तार, आसाराम के खिलाफ आवाज उठाने वालों को सुलाता था मौत की नींद

Sanchar Now
5 Min Read

आसाराम और उसके बेटे नारायण सांईं का कट्टर समर्थक और अनुयायी मोस्ट वांटेड तामराज हरिराम साहू उर्फ राज स्टीफन को सुरत क्राईम पुलिस ने दिल्ली से सटे नोएडा से गिरफ्तार किया है. आरोप है कि, तामराज आसाराम और नारायण साईं के खिलाफ शिकायत करने वालों, गवाही देने वालों का मर्डर और हत्या के प्रयास में शामिल था.

खबर के मुताबिक, ईसाई लड़की से शादी करने के बाद तामराज ने पुलिस से बचने के लिए धर्म परिवर्तन कर अपना नाम राज स्टीफन रखा. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वह पिछले 10 सालों से वांटेड अपराधी है.

सुरत पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत के मुताबिक, तामराज उर्फ स्टीफन नोएडा के सेक्टर 53 का रहने वाला है. वह मूल रूप से छत्तीसगढ़ का रहने वाला है. तामराज सूरत में तीन हत्याओं के प्रयास में शामिल था. इसी तरह वह, आसाराम के रसोइया अखिल गुप्ता पर फायरिंग और हत्या के मामले में वोन्टेड था. अखिल आसाराम के खिलाफ बलात्कार के मामले में गवाह था.

तामराज के खिलाफ गुजरात समेत छह राज्यों में करीब 9 अपराध दर्ज हैं. क्राइम ब्रांच पिछले सात साल से तामराज की तलाश कर रही थी. इसी बीच जैसे ही सूरत पुलिस को पता चला की नोएडा मे ईसाई बनकर रहने वाला स्टीफन ही तामराज है तो सुरत के डीसीपी भावेश रोजीया और इंस्पेक्टर एस. एन परमार ने एक टीम बनाई और नोएडा से उसे दबोच लिया.

रिपोर्ट के मुताबिक, तामराज 2021 में नोएडा आया था. यहां वह डिवाईन आश्रम में भाग लेने के दौरान उसकी मुलाकात मनीषा नाम की एक ईसाई लड़की से हुई. कुछ समय के बाद तामराज ने मनीषा से शादी कर ली और ईसाई धर्म अपना लिया. ईसाई स्कूल में, तामराज लाईट और साउन्ड सिस्टम काम आउटसोर्स करता था और गुप्त रूप से रहता था. पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए उसने ईसाई होने का आधार कार्ड व अन्य प्रमाण भी बनवा लिए थे.

पढ़ें  पंप हाउस की मोटर ठीक हुई तब भी बाल्टियों में ढो रहे पानी, पंचशील हाइनिश सोसायटी में 48 घंटे से जल संकट

आसाराम का कट्टर समर्थक, फिर बना अपराधी

मूल रूप से छत्तीसगढ़ के बड़भूम गांव के रहने वाले तामराज के बड़े भाई आसाराम के अनुयायी थे. 2003 में जब तामराज ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ रहा था, तब वह आसाराम से प्रभावित हुआ और साधक बन गया. 2013 में आसाराम और उसके बेटे नारायण के खिलाफ रेप का मामला दर्ज किया गया था. जब आसाराम को जोधपुर में गिरफ्तार किया गया तो वह दो महीने तक जेल के बाहर बैठा रहा था.

वह कारागार के बाहर आसाराम की धूल अपने सिर पर लगाता था. आसाराम के लिए कुछ भी करने की चाहत में वह कार्तिक नामक एक शख्स के संपर्क में आया और सूरत में तीन गवाहों को मारने की कोशिश की. आसाराम के खिलाफ रेप केस में गवाह बने उनके रसोइये अखिल गुप्ता की 2015 में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फर नगर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

हत्या का सिलसिला शुरू हो गया

आसाराम की गिरफ्तारी के साथ ही 2014 से 2016 तक देशभर में उनके विरोधियों और गवाहों की हत्याओं का सिलसिला शुरू हो गया. उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र में भी अपराध हो रहे थे. वहीं आसाराम के कट्टर अनुयायी बसवराजन और उसके साथ रहने वाली सेजल प्रजापति मुख्य सूत्रधार होने का पता चला. 2016 में डीसीपी रोजिया ने सब इंस्पेक्टर आर.एस. सुवेरा के साथ मिल कर दोनो को बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया गया, वहीं से पूरे गैंग का पर्दाफाश हुआ था.

इस तरह हत्या की घटना को देता था अंजाम

तामराज और उसकी गैंग आसाराम के खिलाफ गवाह बने लोगों को मारने से पहले उनकी गली या सोसायटी में मकान किराए पर लेकर उनकी रेकी करते थे और मौका देखते ही उसको मार डालते थे. मार्च-2014 में सूरत के उमरा में दिनेश चंद्र भागचंदानी पर एसिड अटैक किया गया था. उस समय तामराज ने उसके साथ दो महीने के लिए नौकरी की थी. यूपी में शेफ अखिल गुप्ता की हत्या के वक्त उसने उसकी सोसायटी में एक मकान किराए पर लिया था.

पढ़ें  ग्रेटर नोएडा में दबंगों की फायरिंग... छात्रों की कारों पर चलाईं ताबड़तोड़ गोलियां, फैलाई दहशत

जब हरियाणा के पानीपत के सोनाली खुर्द में आसाराम के विरोधी महेंद्र चावला को मारने की कोशिश की गई, तब तामराज डेढ़ महीने तक चावला के घर के पास एक मकान मे किराए पर रहा था. महेंद्र चावला गोलीकांड के आरोपियों पर हरियाणा सरकार ने 50 हजार का इनाम भी घोषित किया था.

Share This Article
Follow:
Sanchar Now is Digital Media Platform through which we are publishing international, national, states and local news mainly from Western Uttar Pradesh including Delhi NCR through Facebook, YouTube, Instagram, Twitter and our portal www.sancharnow.com
Leave a Comment