किसानों की आएगी मौज! जेवर एयरपोर्ट समेत यीडा क्षेत्र की नई योजनाओं में बढ़ा मुआवजा देने की तैयारी

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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ-साथ यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में चल रही अन्य विकास परियोजनाओं के लिए भी किसानों को अधिक मुआवजा देने की तैयारी की जा रही है. यमुना विकास प्राधिकरण 28 मार्च को होने वाली बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को पेश करेगा.

अब प्राधिकरण क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2025-26 से सभी परियोजनाओं के तहत भूमि अधिग्रहण के लिए किसानों को एक समान दर पर मुआवजा दिया जाएगा. प्रदेश सरकार ने हाल ही में नोएडा एयरपोर्ट परियोजना के तहत प्रभावित किसानों के लिए 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर मुआवजा देने को मंजूरी दी थी.

बढ़े मुआवजे की मांग और निर्णय

अब तक यमुना प्राधिकरण विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए 3100 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से किसानों से जमीन खरीद रहा था. लेकिन, किसानों की मांग थी कि जेवर क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों के कारण जमीन की कीमतें बढ़ गई हैं, इसलिए उन्हें अधिक मुआवजा मिलना चाहिए. इस मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की नई दर को स्वीकृति दी है.

एयरपोर्ट विस्तार और भूमि अधिग्रहण

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के तीसरे और चौथे चरण में कुल 2053 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है. इसके अलावा, परगना और जेवर के कुछ राजस्व गांवों में भी भूमि अधिग्रहण होगा.
आकुलपुर – 45.6593 हेक्टेयर
म्याना – 165.2586 हेक्टेयर
मकसूदपुर – 33.0063 हेक्टेयर
कुल – 243.9602 हेक्टेयर

इन इलाकों में अधिग्रहीत भूमि को सेक्टर-10 में विकास परियोजनाओं के लिए उपयोग किया जाएगा. इस फैसले से प्रभावित किसानों को 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से मुआवजा देने का रास्ता साफ हो गया है.

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एयरपोर्ट पर दो नए रनवे और अन्य निर्माण

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के तीसरे और चौथे चरण में दो नए रनवे बनाए जाएंगे. इसके अलावा, यहां विमान इंजन निर्माण कंपनियों, सर्विस रनवे, क्रॉसिंग रनवे और विमान हैंगर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. एयरपोर्ट परियोजना के तहत कुल पांच रनवे बनने हैं.

भूमि अधिग्रहण से प्रभावित गांव और किसान

एयरपोर्ट के तीसरे और चौथे चरण में 14 गांवों की 1888.98 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा. शेष भूमि पहले से ही प्रशासन के पास मौजूद है। इस अधिग्रहण प्रक्रिया से कुल 42,433 किसान प्रभावित होंगे. इनमें से 70% से अधिक किसानों ने जमीन देने की सहमति दे दी है.भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया से लगभग 936 परिवार विस्थापित होंगे. प्रभावित गांवों में शामिल हैं. पारोही, किशोरपुर, बनवारीबांस, जेवर बांगर, मुकीमपुर शिवारा, साबुता, अहमदपुर चवरौली, दयानतपुर, रोही बंकापुर, थोरा, रामनेर नीमका शाहजहांपुर, ख्वाजापुर

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