केदारनाथ हेली सेवा: टूर ऑपरेटरों के जरिए बुक हुए 1087 टिकट, पड़ताल की गई; एक घंटे में बुकिंग हो गई थी फुल

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केदारनाथ धाम यात्रा के लिए हेली सेवा टिकटों की बुकिंग में इस बार भी तीर्थयात्रियों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. आठ अप्रैल को आईआरसीटीसी द्वारा बुकिंग पोर्टल खोले जाने के महज एक घंटे के भीतर दो मई से 30 मई तक के सभी टिकट फुल हो गए. इस पूरे मामले की पड़ताल अब उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने की है.

जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि कुल 1044 हेली टिकटों में से 1087 टिकटों की बुकिंग टूर ऑपरेटरों के जरिए करवाई गई, जबकि 6148 टिकट तीर्थयात्रियों ने स्वयं बुक किए हैं. यूकाडा के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी दयानंद सरस्वती ने बताया कि बुकिंग शुरू होते ही देशभर से तीर्थयात्रियों ने टिकट बुक कराए. हालांकि टिकट इतनी तेजी से खत्म हो जाने के कारण कई लोगों को निराशा भी हाथ लगी.

23 हजार से ज्यादा बुकिंग

इस पर यूकाडा ने आईआरसीटीसी पोर्टल से बुकिंग का पूरा डेटा प्राप्त कर उसका विश्लेषण किया और उसके बाद बुकिंग कराने वाले लोगों से सीधे कॉल सेंटर के जरिए संपर्क साधा. जांच में यह बात सामने आई कि कुछ टूर ऑपरेटरों ने एक साथ बड़ी संख्या में टिकट बुक कर लिए, जिससे आम तीर्थयात्रियों को ऑनलाइन बुकिंग में कठिनाई हुई. यूकाडा के अनुसार, कुल 1044 हेली टिकटों के जरिए अब तक कुल 23,176 तीर्थयात्रियों ने यात्रा के लिए बुकिंग करवाई है.

इनमें से पांच टिकट विदेशों से बुक किए गए हैं, जबकि देश के लगभग सभी राज्यों से श्रद्धालुओं ने टिकट बुक किए हैं. यूकाडा के अधिकारियों ने बताया कि टूर ऑपरेटरों द्वारा बड़ी संख्या में टिकट बुक किए जाने की प्रक्रिया को लेकर जल्द ही समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ी तो नियमों में बदलाव भी किया जा सकता है, ताकि आम लोगों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा मिल सके.

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बढ़ रही हेली टिकटों की बुकिंग मांग

बुकिंग प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यूकाडा द्वारा निगरानी को और सख्त किया जा रहा है. इस बीच राज्य सरकार ने भी बुकिंग प्रणाली में सुधार की दिशा में कदम उठाने के संकेत दिए हैं. पर्यटन सचिव ने कहा है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो टूर ऑपरेटरों की भूमिका सीमित की जाएगी और बायोमेट्रिक अथवा आधार प्रमाणीकरण जैसी व्यवस्थाएं लागू की जा सकती हैं, ताकि टिकट की कालाबाजारी पर अंकुश लगाया जा सके.

उल्लेखनीय है कि केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा हर साल तीर्थयात्रियों के लिए राहत का जरिया बनती है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो स्वास्थ्य या उम्र संबंधी कारणों से पैदल यात्रा नहीं कर सकते. लेकिन बीते कुछ वर्षों से हेली टिकटों की बुकिंग में टूर ऑपरेटरों की बढ़ती भूमिका और टिकटों की कालाबाजारी चिंता का विषय बनी हुई है.

यूकाडा की इस कार्रवाई के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में टिकट बुकिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और यात्रियों के अनुकूल बनाया जाएगा, जिससे हर श्रद्धालु को हक के आधार पर सेवा मिल सके.

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