गाजियाबाद में एसटीएफ ने किया ‘नकली दूतावास’ का भंडाफोड़, फर्जी एम्बेसडर हर्षवर्धन गिरफ्तार

Narendra Bhati
4 Min Read

संचार नाउ, गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश एसटीएफ (विशेष कार्य बल) की नोएडा यूनिट ने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए मंगलवार को गाजियाबाद के कविनगर इलाके में ‘वेस्ट आर्कटिक दूतावास’ के नाम पर चल रहे एक फर्जी विदेशी दूतावास का भंडाफोड़ किया है। इस ऑपरेशन में एसटीएफ ने खुद को कई काल्पनिक देशों का एम्बेसडर बताने वाले हर्षवर्धन जैन पुत्र जे. डी. जैन, निवासी केबी-45 कविनगर गाजियाबाद को गिरफ्तार किया है।

एसटीएफ के द्वारा दी जानकारी में बताया कि एसटीएफ की जांच के मुताबिक, हर्षवर्धन ने कविनगर के केबी-35 स्थित एक किराए के मकान को “West Arctica, Saborga, Poulvia और Lodonia” जैसे काल्पनिक माइक्रोनेशन देशों के दूतावास के रूप में उपयोग करना शुरू किया था। वह लोगों को धोखे में रखने के लिए खुद को इन देशों का कॉन्सुल जनरल या एम्बेसडर बताता था और डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट लगी लक्ज़री गाड़ियों से चलता था।

हर्षवर्धन का आपराधिक इतिहास और हाई-प्रोफाइल कनेक्शन

जांच में यह भी सामने आया है कि हर्षवर्धन का अतीत भी संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ा रहा है। वर्ष 2011 में उसके पास से अवैध सैटेलाइट फोन बरामद हुआ था, जिसका मुकदमा थाना कविनगर में दर्ज है। इसके अलावा उसके संबंध कुख्यात अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्कर अदनान खगोशी और चर्चित विवादास्पद आध्यात्मिक गुरु चंद्रास्वामी से भी बताए जा रहे हैं।

पढ़ें  28 करोड़ की ठगी में एक और साइबर ठग गिरफ्तार, यूट्यूब से कमाई का झांसा देकर लगाते थे चपत
सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के साथ मॉर्फ तस्वीरें

हर्षवर्धन अपने आपको प्रभावशाली साबित करने के लिए प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और अन्य शीर्ष हस्तियों के साथ मॉर्फ की गई तस्वीरों का इस्तेमाल करता था। इससे वह खुद को आधिकारिक और वैध एम्बेसडर की तरह प्रस्तुत करता और भोले-भाले नागरिकों व कंपनियों को ठगता।

अवैध गतिविधियों का जाल – शेल कंपनियां और हवाला नेटवर्क

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी ने शेल कंपनियों के माध्यम से हवाला का अंतरराष्ट्रीय रैकेट भी खड़ा कर रखा था। वह विभिन्न कंपनियों और व्यक्तियों को विदेशों में रोजगार दिलाने, व्यापारिक कनेक्शन जोड़ने और डिप्लोमैटिक सुविधा दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूलता था।

बरामद हुआ ये समान

एसटीएफ द्वारा की गई छापेमारी में जो वस्तुएं बरामद हुईं, वे इस फर्जीवाड़े की गहराई और तैयारी को दर्शाती हैं:

  1. डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट लगी चार लक्ज़री गाड़ियाँ
  2. 12 फर्जी डिप्लोमैटिक पासपोर्ट – माइक्रोनेशन देशों के नाम पर
  3. विदेश मंत्रालय की मुहर लगे कूट रचित दस्तावेज
  4. दो फर्जी पैन कार्ड
  5. विभिन्न देशों और कंपनियों की 34 नकली मोहरें
  6. दो फर्जी प्रेस कार्ड
  7. ₹44,70,000 नकद
  8. कई देशों की विदेशी मुद्रा
  9. डिप्लोमैटिक स्टाइल की 18 अलग-अलग नंबर प्लेट
  10. कई संदिग्ध कंपनियों के दस्तावेज और फर्जी नियुक्ति पत्र
कानूनी कार्यवाही जारी

एसटीएफ द्वारा आरोपी के खिलाफ थाना कविनगर, गाजियाबाद में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पूछताछ के दौरान कई और चौंकाने वाले खुलासों की उम्मीद की जा रही है। मामले में विदेशी लिंक और हवाला एंगल को देखते हुए ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और विदेश मंत्रालय को भी सूचित किया गया है।

पढ़ें  'ग्रेनो प्राधिकरण दो माह में दे 10 प्रतिशत विकसित भूखंड', हाईकोर्ट ने दिया आदेश; ये है पूरा मामला
एसटीएफ की बड़ी कामयाबी

यह कार्रवाई एसटीएफ के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि यह मामला आतंरिक सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय संबंधों की आड़ में धोखाधड़ी और आर्थिक अपराधों से जुड़ा है।

संभावित खतरे और पड़ताल

जांच एजेंसियों के अनुसार यदि इस तरह की गतिविधियों को समय पर न रोका जाए तो यह राष्ट्र की प्रतिष्ठा, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है।

 

Share This Article
Follow:
Narendra Bhati has been active in the field of journalism for the last 15 years. He started his career with Dainik Prabhat News Paper. After this, he worked in Reputed Media Institutions like Jia News & India Voice News Channel, Amar Ujala News Paper and ETV Bharat. Currently, he is working as the founder of his digital media startup "Sanchar Now", through which he is presenting unbiased and factual news on Digital Platforms.
Leave a Comment