सोनभद्र : पत्थर की खदान ढहने से 12 लोग मलबे में दब गए. घटना शनिवार की शाम ओबरा इलाके के बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में हुई. डीएम, एसपी समेत स्थानीय विधायक और समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव गौड़ भी मौके पर पहुंचे. मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए एसडीआरएफ की टीम भी पहुंच गई है. वाराणसी से भी एनडीआरएफ की टीम पहुंची है. लेकिन अंधेरा होने की वजह से रेस्क्यू में दिक्कत आ रही है.
ओबरा इलाके में बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र है. यहां कृष्णा माइनिंग वर्क्स में तमाम मजदूर काम करते हैं. रोजाना की तरह शनिवार की शाम को भी मजदूर काम में जुटे थे. इस दौरान पत्थर की खदान ढहने लगी. इससे पहले कि मजदूर संभल पाते उनके ऊपर कई पत्थर गिर पड़े. करीब 12 मजदूर मलबे में दब गए.
घटना के बाद चीख-पुकार मच गई. हादसे की जानकारी पर डीएम और एसपी समेत कई अफसर मौके पर पहुंचे. पोकलेन और जेनरेटर मंगवा कर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया. हालांकि रात हो जाने और खदान 500 मीटर से अधिक गहरा होने के कारण इसमें बाधा आ रही है. घटना में अभी तक किसी की मौत की जानकारी सामने नहीं आ पाई है.
वहीं स्थानीय विधायक और समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव गौड़ भी मौके पर पहुंच. मीडिया से बातचीत के दौरान भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि जनजाति गौरव दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री के दौरे के मद्देनजर खनन बंद रखने के निर्देश दिए गए थे लेकिन लापरवाही के चलते यह हादसा हो गया खदान.
मंत्री ने कहा कि हादसे के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, रेस्क्यू ऑपरेशन में एक-दो दिन का समय लग सकता है. वहीं डीएम बद्रीनाथ सिंह ने बताया कि मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है. रेस्क्यू के लिए एनडीआरए और एसडीआरएफ भी लगी है. अभी किसी की मौत की जानकारी सामने नहीं आ पाई है. कितने लोग दबे हैं, अभी यह भी स्पष्ट नहीं है.


