लखनऊ: उत्तर प्रदेश में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक दल अपनी चुनावी रणनीति तैयार करने के साथ ही तैयारियों को जमीन पर उतारने की रूप रेखा तैयार कर रहे हैं। इसके साथ ही राजनीतिक दल अपने संगठनों को भी मजबूत करने में जुट गई है। इसी क्रम में सत्ताधारी बीजेपी की सहयोगी अपना दल सोनेलाल ने प्रदेश कार्यकारिणी में पदाधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी है। केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल की पार्टी ने दो प्रदेश उपाध्यक्ष समेत कुल 9 नेताओं को संगठन में जिम्मेदारी दे दी है। प्रदेश अध्यक्ष जाटव आरपी गौतम ने नामों की घोषणा करते हुए लिस्ट जारी कर दी है।

दरअसल अपना दल सोनेलाल ने शनिवार को 9 नेताओं को पार्टी में जिम्मेदारी सौंप दी है। मीरजापुर के अनिल सिंह परसिया को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसी तरह बस्ती के रहने वाले राम सिंह पटेल को भी अपना दल एस में प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा देवरिया के अरविंद पटेल को प्रदेश महासचिव नियुक्त किया गया है। प्रयागराज गंगापार के रहने वाले दुर्गा प्रसाद पटेल को भी पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। दुर्गा प्रसाद पटेल को प्रदेश महासचिव बनाया गया है।
इस प्रमुख पदों पर हुई नियुक्ति
अपना दल एस ने 3 प्रदेश महासचिव नियुक्त किए है। पार्टी ने लखनऊ की शिखा सिंह को भी प्रदेश महासचिव बना दिया है। इसी तरह प्रयागराज के रवि नंदन यादव को प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ओम प्रकाश पटेल को भी प्रदेश सचिव नियुक्त किया गया है। ओम प्रकाश पटेल बहराइच जिले से ताल्लुख रखते हैं। ऐसे ही बलरामपुर में रहने वाले शिव कुमार और जौनपुर के सुनील पटेल को पार्टी ने प्रदेश सचिव नियुक्त किया है। इस तरह अपना दल एस ने 2 प्रदेश उपाध्यक्ष, 3 प्रदेश महासचिव और 4 प्रदेश सचिव के पदों पर नामों की घोषणा कर दी है।
बता दें, प्रदेश कार्यकारिणी में पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी को आगामी विधानसभा चुनाव के नजरिये से बेहद अहम माना जा रहा है। अपना दल एस यूपी में बीजेपी का एक बड़ा और मजबूत सहयोगी दल है। पार्टी की मुखिया अनुप्रिया पटेल मोदी सरकार का हिस्सा हैं, जबकि उनके पति आशीष पटेल योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री है।
अनुप्रिया पटेल पार्टी को धार को देने के लिए समय-समय पर बैठक करती रहती है। मिर्जापुर समेत कई जिलों में उनकी पार्टी का काफी प्रभाव है। 2022 विधानसभा चुनाव में अपना दल एस के 12 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी। इस तरह अपना दल एस बसपा, कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टियों को पछाड़ते हुए तीसरी नंबर की पार्टी बन गई थी।












