खनऊ: उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में भले ही अभी लंबा समय बाकी है, लेकिन योगी सरकार अभी से चुनावी मोड में आ गई है। सरकार के हर फैसले में चुनावी झलक भी दिख रही है। योगी सरकार युवाओं को अपने पाले में लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। युवाओं को नौकरी और रोजगार के माध्यम से जोड़ा जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए यूपी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार के इस कदम से करीब 15 हजारों युवाओं की किस्मत बदल सकती है।

दरअसल योगी सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए लगातार व्यापक प्रयास कर रही है। इसी क्रम में युवाओं को अधिक रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए वृहद रोजगार मेला का आयोजन किया जाएगा। लखनऊ, गोरखपुर, झांसी, वाराणसी और मुजफ्फरनगर में वृहद रोजगार मेले का आयोजन होगा। इस रोजगार मेले में लगभग 100 कंपनियां हिस्सा लेंगी। इसमें 15 हजार से ज्यादा रिक्तियां भरे जाने की संभावना है।
प्रदेश का हर युवा बने आत्मनिर्भर
इस संबंध में प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने निर्देश दिया है कि सभी रोजगार मेलों में अधिकतम युवा सहभागिता सुनिश्चित की जाए। कंपनियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए चयन के बाद युवाओं की निगरानी प्रणाली को मजबूत किया जाए। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर युवा हुनरमंद बने और आत्मनिर्भर बने। युवा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाए।
लखनऊ के अलीगंज स्थित कौशल विकास मिशन मुख्यालय में विभागीय कार्यों की समीक्षा के दौरान मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने निर्देश दिया कि सभी विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता, समयबद्धता और उच्च गुणवत्ता के साथ किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 2.59 लाख युवाओं को प्रशिक्षण, लगभग 2.33 लाख का मूल्यांकन और लगभग 1.52 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है।












