लखनऊ: ‘बेटी से बैड टच…’ लिव-इन पार्टनर ने इंजीनियर का रेता गला, सूर्य प्रताप मर्डर केस की पूरी कहानी

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लखनऊ में लिव-इन में रहने वाले इंजीनियर सूर्य प्रताप सिंह की हत्यारोपी गर्लफ्रेंड रत्ना और उसकी दोनों बेटियों से पूछताछ में कई सनसनीखेज फैक्ट सामने आए हैं। 20 घंटे हुई अलग-अलग पूछताछ में तीनों ने मिलकर हत्या करने की बात कबूल की है।

तीनों ने पुलिस की पूछताछ में बताया- इंजीनियर दोनों बेटियों को पीटता था। बड़ी बेटी को बैड टच करता था। 7 दिसंबर की रात भी उसने बड़ी बेटी को बैड टच किया। उसकी जमकर पिटाई की। उसकी हरकतों से आजिज आकर गर्लफ्रेंड रत्ना ने उसे रास्ते से हटाने की ठान ली।

रातभर जागकर बेटियों के साथ उसे मारने की पूरी प्लानिंग की। प्लान के मुताबिक, 8 दिसंबर की सुबह 5 बजे तीनों ने मिलकर हत्या कर दी। बेटियां ने हाथ-पैर पकड़े और गर्लफ्रेंड ने गला रेत दिया। इंजीनियर छटपटाया तो तीनों दबाकर बैठ गईं।

हत्या करके 4 घंटे तीनों घर के दरवाजे पर बैठी रहीं। उसके बाद गर्लफ्रेंड रत्ना ने पुलिस को फोन करके हत्या करने की बात बताई। पुलिस ने 9 दिसंबर को गर्लफ्रेंड को जेल और दोनों नाबालिग बेटियों को बाल सुधार गृह भेज दिया।

पहले पढ़िए आरोपी गर्लफ्रेंड और उसकी बेटियों का कबूलनामा…

बेटियों को पीटता था इंजीनियर पुलिस ने इंजीनियर की गर्लफ्रेंड और उसकी दोनों बेटियों से अलग-अलग पूछताछ की। तीनों ने पूछताछ में एक जैसा जवाब दिया। इससे पुलिस ने उसे सच माना। तीनों ने बताया कि इंजीनियर दोनों बेटियों के साथ मारपीट करता था। उन्हें घर में कैद करके रखता था। वह बड़ी बेटी पर बुरी नजर रखता था। उसे बैड टच करता था। विरोध करने पर उसे पिटता था।

हत्या करने से पहले भाई के पास गई थी गर्लफ्रेंड

पुलिस की पूछताछ में गर्लफ्रेंड ने बताया कि 6 दिसंबर को इंजीनियर जानकीपुरम स्थित अपने घर गया था, तो वह गुडंबा में रहने वाले अपने भाई के पास गई थी। उसकी दोनों बेटियां भी वहां गई थीं। 7 दिसंबर को इंजीनियर के आने से पहले तीनों घर आ गई थीं। शाम को जब सूर्य घर आया तो उसने बड़ी बेटी का फोन चेक किया। उसमें बड़ी बेटी का एक युवक के साथ फोटो देख लिया। उसे बड़ी बेटी बॉयफ्रेंड बताते हुए रात करीब 11 बजे उसकी पिटाई कर दी। उसके बाद घसीटते हुए अपने कमरे में ले गया। उसके बाद बैड टच किया। गर्लफ्रेंड ने छोटी बेटी के मदद से उसे उसके चंगुल से छुड़ाया। उसके बाद तीनों अपने कमरे में चली गईं।

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पूरी रात जागकर हत्या का प्लान बनाया

तीनों आरोपियों ने पुलिस को बताया- कमरे में आने पर बड़ी बेटी बहुत देर तक रोती रही। इससे मां काफी गुस्से में आ गई। उसने दोनों बेटियों से कहा- क्यों न इंजीनियर की हत्या करके हर दिन के विवाद को खत्म कर दिया। दोनों बेटियां भी इसके लिए तैयार हो गईं। तीनों ने रातभर जागकर इंजीनियर की हत्या करने की योजना बनाई। 8 दिसंबर की सुबह 5 बजे योजना के तहत गर्लफ्रेंड किचन से चाकू ले आई। दोनों बेटियों के साथ इंजीनियर के कमरे में गई।

सोते हुए इंजीनियर पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए

पुलिस की पूछताछ में तीनों ने बताया- इंजीनियर बेड पर सो रहा था। एक बेटी ने उसका पैर और दूसरे ने हाथ पकड़ लिया। गर्लफ्रेंड ने सोते हुए इंजीनियर के गले पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। चाकू के वार से इंजीनियर छटपटाने लगा, लेकिन बेटियों ने उसे छोड़ा नहीं। कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद तीनों बाथरूम में गईं। अपना हाथ-मुंह धुला। मां ने हाथ में लगा खून धोया। उसके बाद तीनों घर के बाहर दरवाजे पर बैठी रहीं। करीब 4 घंटे बाद सुबह 9 बजे पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया।

हत्या का कोई पछतावा नहीं पुलिस ने 9 दिसंबर को गर्लफ्रेंड रत्ना को जेल भेज दिया। पूछताछ के दौरान, न्यायालय में पेश होते समय या जेल जाते समय रत्ना के चेहरे पर कोई शिकन नहीं था। पुलिस का कहना है कि उसे हत्या करने का कोई पछतावा नहीं है। वहीं, उसकी दोनों बेटियों को बाल सुधार गृह भेजा गया है। दोनों बेटियां डरी-सहमी लग रही थीं।

अब पढ़िए पिता और पड़ोसियों ने जो कहा…

24 घंटे के बाद हुआ पोस्टमॉर्टम, पिता ने मुखाग्नि दी

सूर्य का शव 8 दिसंबर को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया था, लेकिन कानूनी प्रक्रिया पूरी न होने की वजह से पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका। 9 दिसंबर को पोस्टमॉर्टम हुआ। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में तीन गहरे घाव आए हैं। ये धाव गले पर हैं, जो कि चाकू के हैं। इसके साथ ही सीने और हाथ में भी चोट के निशान मिले हैं।

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डॉक्टरों ने रिपोर्ट बना कर पुलिस को सौंप दी है। परिवार शव को लेकर जानकीपुरम स्थित आवास पहुंचा और कुछ देर बाद अंतिम संस्कार के लिए उसे गोमतीनगर के बैकुंठ धाम ले जाया गया। अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। पिता नरेंद्र सिंह ने बिलखते हुए बेटे की चिता को मुखाग्नि दी।

‘बेटे की शादी की बात चल रही थी, उसकी चिता जला रहा हूं’

इंजीनियर को मुखाग्नि देते हुए पिता नरेंद्र सिंह रो पड़े। उन्होंने कहा- हट्टा-कट्टा जवान बेटा था। बेटे की शादी के लिए लड़की देख रहा, लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था। रत्ना और उसकी बेटियों ने मकान हड़पने के लिए उसे मार डाला।

सप्ताह में एक दिन परिवार के साथ रुकता था इंजीनियर

सूर्य प्रताप सिंह सप्ताह में एक दिन अपने परिवार के साथ जानकीपुरम घर पर रुकता था। हत्या के एक दिन पहले 6 दिसंबर को इंजीनियर अपने जानकीपुरम स्थित घर पर रुका था। 7 दिसंबर की शाम को ग्रीन सिटी, सालारगंज स्थित मकान पर लौट आया था। जहां उसकी हत्या की गई।

आरोपित महिला की तरफ से कोई नहीं आया

हत्या करने के बाद पुलिस कस्टडी में करीब 20 घंटे रही महिला और उसकी दोनों बेटियों से मिलने उनके परिवार का कोई भी सदस्य नहीं आया। पुलिस ने पूछताछ में महिला से रिश्ते नातेदारों की जानकारी मांगी इस पर उसने कहा कि सूर्य की वजह से उसकी रिश्तेदारी खत्म हो गई थी।

पड़ोसियों ने कहा- इंजीनियर शांत और मिलनसार था

जब सूर्य का शव जानकीपुरम स्थित उसके घर पहुंचा तो बड़ी संख्या में पड़ोसी एकत्रित हो गए। लोगों ने बताया कि सूर्य शांत स्वभाव का था। बड़ों का सम्मान करता था। मिलनसार व्यक्ति था और उसके व्यवहार से कभी किसी को शिकायत नहीं रही।

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माता-पिता के साथ रहती है छोटी बहन

सूर्य प्रताप सिंह के जानकीपुरम के घर पर माता-पिता छोटी बहन और उसका पति रहता है। इंजीनियर का शव देखने के बाद बहन बार-बार भगवान को दुहाई देते हुए भाई की मौत का इंसाफ मांग रही थी। बार-बार वह बोल रही थी कि कितना समझाया, मना किया पर नहीं माने तुम, अपने मतलब के लिए मार दी मेरे भाई को।

पुलिस को कॉल करके बोली गर्लफ्रेंड- प्रेमी की हत्या कर दी है

ग्रीन सिटी, सालारगंज में 33 साल का इंजीनियर सूर्य प्रताप सिंह 46 साल की गर्लफ्रेंड रत्ना और उसकी 17 साल और 14 साल की दो बेटियों के साथ रहता था। रत्ना ने 8 दिसंबर की सुबह करीब 9 बजे पुलिस कंट्रोल रूम में कॉल किया।

उसने बताया- मैंने लिव-इन पार्टनर की हत्या कर दी है। उसका शव घर में पड़ा है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पुलिस ने सूर्य के पिता नरेंद्र की शिकायत पर रत्ना और उसकी दोनों बेटियों के खिलाफ मुकदमा दर्जकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

2012 में दोनों संपर्क में आए

सूर्य का परिवार जानकीपुरम में रहता है। रत्ना के साथ रहने से पहले वह परिवार के साथ जानकीपुरम में रहता था। उसके पिता नरेंद्र सिंह ने बताया- बेटा सूर्य पॉलिटेक्निक की पढ़ाई करता था। इस दौरान वह मोहल्ले में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था।

2012 में वह रत्ना की दोनों बेटियों को भी ट्यूशन पढ़ाता था। रत्ना का पति राजेंद्र कुमार शराब का आदी था। शराब पीकर रत्ना के साथ मारपीट करता था। रत्ना उससे अलग रहने लगी थी। इस दौरान सूर्य रत्ना के करीब आ गया। 2014 में राजेंद्र की मौत हो गई।

इसके बाद रत्ना ने बेटे सूर्य से मदद मांगी। उसे झांसे में लेकर उसके साथ किराए के कमरे में रहने लगी। करीब 2 साल पहले सूर्य ने ग्रीन सिटी, सालारगंज में अपना मकान बनवा लिया। रत्ना अपनी दोनों बेटियों और सूर्य के साथ उसमें रहने लगी।

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