संचार नाउ। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में लगातार हो रही देरी को गंभीरता से लेते हुए बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने लीज डीड निष्पादित न कराने वाले आवंटियों के 39 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई अपर मुख्य सचिव, औद्योगिक विकास की अध्यक्षता में 21 नवंबर 2025 को आयोजित बैठक में हुए विचार-विमर्श के क्रम में की गई।
दरअसल, प्राधिकरण के अनुसार, ऐसे 366 आवंटी चिन्हित किए गए थे, जिन्हें पूर्व में चेकलिस्ट जारी की जा चुकी थी, लेकिन निर्धारित समयावधि बीतने के बावजूद उनके द्वारा लीज डीड निष्पादित नहीं कराई गई। इन सभी आवंटियों को अंतिम अवसर देते हुए 24 नवंबर 2025 को सार्वजनिक सूचना के माध्यम से समाचार पत्रों में क्यूआर कोड सहित प्रकाशन कराया गया था और साथ ही प्राधिकरण की वेबसाइट पर भी सूचना अपलोड की गई थी।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2020 और उसके बाद से औद्योगिक भूखंडों के आवंटियों को लगातार चेकलिस्ट जारी की जा रही है। नियमों के अनुसार चेकलिस्ट जारी होने के 60 दिनों के भीतर आवंटी को भूखंड का पट्टा विलेख निष्पादित कराकर कब्जा लेना, मानचित्र स्वीकृत कराना और चार वर्षों के भीतर इकाई स्थापित कर उत्पादन शुरू करना अनिवार्य होता है। इसके बावजूद कई आवंटियों ने लीज डीड कराने में कोई रुचि नहीं दिखाई और न ही जारी किए गए नोटिसों का संतोषजनक उत्तर दिया।
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, जिन आवंटियों ने लगातार नोटिस के बावजूद लीज डीड निष्पादित नहीं कराई, उनके विरुद्ध कार्रवाई करते हुए सेक्टर-29, 32 और 33 में विभिन्न योजनाओं के तहत आवंटित 39 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन निरस्त कर दिया गया है। प्राधिकरण का कहना है कि आगे भी जो आवंटी नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में तेजी लाई जा सके और क्षेत्र में निवेश व रोजगार को बढ़ावा मिल सके।

