उत्तर प्रदेश में नए नोएडा के विकास के लिए जमीन अधिग्रहण पर शासन स्तर से जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों की ओर से अब तक की तैयारियों के अनुसार हाइब्रिड मॉडल के तहत किसानों से जमीन लेने की योजना बनाई जा रही है।
जमीन अधिग्रहण का हाइब्रिड मॉडल
नोएडा प्राधिकरण या अन्य डेवलपर सीधे किसानों से आपसी सहमति से जमीन खरीद सकते हैं। इसके अलावा, जिला प्रशासन धारा-4 और 6 की प्रक्रिया के तहत भी जमीन अधिग्रहण का विकल्प रखेगा। अधिकारियों का मानना है कि हाइब्रिड मॉडल को अपनाने की संभावना सबसे अधिक है।
नए नोएडा के लिए चयनित क्षेत्र
नए नोएडा का निर्माण दादरी और बुलंदशहर के 80 गांवों की जमीन पर किया जाएगा। इसे आधिकारिक तौर पर डीएनजीआईआर (दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र) नाम दिया गया है। परियोजना को चार चरणों में विकसित करने का प्रस्ताव है।
मुआवजा दरों का निर्धारण
जमीन अधिग्रहण से पहले मुआवजा दरें तय की जाएंगी। अधिकारियों के अनुसार जनवरी में इस संबंध में बैठक आयोजित की जाएगी। नोएडा प्राधिकरण ने मुआवजा दरों का प्रस्ताव तैयार कर लिया है।
प्रक्रिया की शुरुआत
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और जीटी रोड के जंक्शन के पास, जोखाबाद और सांवली क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। उम्मीद है कि अगले एक-डेढ़ महीने में इस पर शासन स्तर से अंतिम मुहर लग जाएगी।
प्रशासनिक तैयारी
नए नोएडा में जमीन अधिग्रहण के लिए प्राधिकरण ने तीन तहसीलदार, छह कानूनगो और लेखपाल की मांग शासन से की है। कुछ तहसीलदार ने प्राधिकरण में सेवा देने के लिए अपनी सहमति भी दे दी है।
विकास की चार चरणों की योजना
नोएडा प्राधिकरण के अनुसार नए नोएडा का कुल क्षेत्रफल लगभग 21 हजार हेक्टेयर होगा। इसका विकास 2041 तक चार चरणों में किया जाएगा:
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2027 तक: 3,165 हेक्टेयर
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2027-2032: 3,798 हेक्टेयर
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2032-2037: 5,908 हेक्टेयर
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2037-2041: 8,230 हेक्टेयर
यह योजना नए नोएडा को सुव्यवस्थित और आधुनिक तरीके से विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

