संचार नाउ, अयोध्या। रामनगरी अयोध्या इन दिनों आस्था और श्रद्धा के अभूतपूर्व दृश्य की गवाह बन रही है। वर्ष 2025 की विदाई और नव वर्ष 2026 के आगमन के अवसर पर देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही राम मंदिर के द्वितीय स्थापना दिवस के आयोजन ने श्रद्धालुओं की भीड़ को और बढ़ा दिया है। हालात यह हैं कि प्रतिदिन करीब दो लाख श्रद्धालु राम मंदिर में दर्शन-पूजन कर रहे हैं। रामनगरी अयोध्या में इन दिनों आस्था अपने चरम पर है और प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और शांतिपूर्ण दर्शन का अनुभव मिल सके।
27 दिसंबर से शुरू हुए धार्मिक आयोजन
राम मंदिर द्वितीय स्थापना दिवस का मुख्य कार्यक्रम 31 दिसंबर को प्रस्तावित है, लेकिन धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत 27 दिसंबर से ही हो चुकी है। राम जन्मभूमि परिसर में राम कथा, रामलीला और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं। इन आयोजनों में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में रामभक्त अयोध्या पहुंच रहे हैं।
31 दिसंबर को रहेगा वीआईपी मूवमेंट
31 दिसंबर को होने वाले मुख्य आयोजन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शामिल होने की संभावना है। वीआईपी कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन पहले से ही सतर्क है और सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
राम मंदिर सहित प्रमुख स्थलों पर कड़ी सुरक्षा
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए राम मंदिर, हनुमानगढ़ी और कनक भवन सहित सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ा दी गई है तथा लगातार निगरानी रखी जा रही है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम
राम जन्मभूमि मंदिर परिसर के एसपी सिक्योरिटी बल रामाचारी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। भक्तों को कई लेन में व्यवस्थित कर दर्शन-पूजन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर को दर्शन-पूजन के साथ ही राम मंदिर का द्वितीय स्थापना दिवस भी मनाया जाएगा, इसलिए विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।

