उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को अयोध्या पहुंचकर हनुमानगढ़ी में संकट मोचन हनुमान के दर्शन-पूजन किए। विधिवत पूजा-अर्चना के बाद दोनों नेता हनुमानगढ़ी से सीधे श्रीराम जन्मभूमि परिसर पहुंचे।
श्रीरामलला मंदिर में आरती और परिक्रमा
राम जन्मभूमि परिसर में मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री ने प्रभु श्रीरामलला मंदिर और राम दरबार में हाजिरी लगाई। इस दौरान उन्होंने विधिवत आरती उतारी और मंदिर की परिक्रमा कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
अयोध्या के संघर्ष और परिवर्तन पर बोले मुख्यमंत्री
दर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या ने लंबे समय तक संघर्ष देखा है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब जय श्रीराम बोलने पर लाठियां पड़ जाती थीं, लेकिन आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब तो सरकार की योजनाओं के नाम भी “जी राम जी” जैसे सांस्कृतिक मूल्यों से प्रेरित रखे जा रहे हैं।
पूर्व सरकारों पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने अयोध्या को अशांति और हिंसा का केंद्र बनाने का काम किया। उन्होंने वर्ष 2005 के आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दुस्साहस को पीएसी के जवानों ने विफल कर दिया था। उन्होंने कहा कि भगवान हनुमान की कृपा से अयोध्या सदैव सुरक्षित रही है और आगे भी रहेगी।
श्रद्धालुओं की ऐतिहासिक संख्या का उल्लेख
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालु अयोध्या आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले अयोध्या में न बिजली थी, न पानी और न ही मूलभूत सुविधाएं। सुरक्षा व्यवस्था भी कमजोर थी, जबकि आज अयोध्या विश्वस्तरीय धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी के रूप में विकसित हो रही है।
राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े ऐतिहासिक क्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज़ादी के बाद अयोध्या ने राम जन्मभूमि आंदोलन के कई चरण देखे। 5 अगस्त 2020 को पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने अयोध्या आकर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का भूमि पूजन किया। 22 जनवरी 2024 को श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई और 25 नवंबर को प्रधानमंत्री द्वारा मंदिर के मुख्य शिखर पर सनातन धर्म का ध्वज फहराया गया, जिसने पूरी दुनिया को एक सशक्त संदेश दिया।
सनातन संस्कृति का वैश्विक संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ध्वज इस बात का प्रतीक है कि सनातन धर्म से ऊपर कुछ भी नहीं है और यह हमेशा ऊंचा रहेगा। अयोध्या आज न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व को आस्था, एकता और सांस्कृतिक चेतना का संदेश दे रही है।


