लखनऊ : उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच हुआ आत्मीय और भावपूर्ण पत्राचार डबल इंजन सरकार की मजबूत कार्यसंस्कृति को दर्शाता है. यह संवाद साफ करता है कि केंद्र और राज्य एक साझा सोच, साझा लक्ष्य और साझा प्रयासों के साथ उत्तर प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं.
डबल इंजन सरकार की एकजुट कार्यशैली
उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार सुशासन, विकास और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता मानकर काम कर रही है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहले भी कई मंचों से विकसित भारत के लक्ष्य में विकसित उत्तर प्रदेश की निर्णायक भूमिका का उल्लेख कर चुके हैं. यही कारण है कि केंद्र और राज्य के बीच समन्वय को और मजबूत किया गया है, ताकि विकास की गति और तेज हो सके.
प्रधानमंत्री मोदी का आत्मीय संदेश
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संदेश में उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक योगदान और वर्तमान विकास यात्रा की सराहना की. उन्होंने प्रदेश को आत्मनिर्भर भारत अभियान का मजबूत स्तंभ बताया. कानून व्यवस्था में सुधार, बुनियादी ढांचे का विस्तार, पर्यटन और औद्योगिक विकास में हो रही प्रगति को उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया. उनके अनुसार उत्तर प्रदेश केवल जनसंख्या का बड़ा राज्य नहीं, बल्कि सामूहिक शक्ति से देश को नई दिशा देने वाला राज्य है.
मुख्यमंत्री योगी का भावपूर्ण उत्तर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री के संदेश को उत्तर प्रदेश दिवस-2026 के शुभारंभ समारोह में पढ़कर सुनाया और प्रदेश की 25 करोड़ जनता की ओर से आभार व्यक्त किया. अपने पत्र में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सुशासन, गरीब कल्याण, अंत्योदय और आत्मनिर्भरता के संकल्प को जमीन पर उतार रहा है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश की बदली हुई छवि केंद्र और राज्य सरकार के विश्वासपूर्ण सहयोग का परिणाम है.
कल्याणकारी योजनाओं में अग्रणी उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री योगी ने पत्र में डबल इंजन सरकार की कार्यसंस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि और सौभाग्य योजना जैसी योजनाओं में उत्तर प्रदेश अग्रणी प्रदर्शन कर रहा है. लक्ष्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि हर नागरिक को गरिमापूर्ण जीवन देना है. यह सोच केंद्र और राज्य की साझा प्राथमिकता को दर्शाती है.
संस्कृति और विकास का संतुलन
प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी दोनों ने उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को विकास के साथ जोड़ने पर जोर दिया. अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज और बौद्ध स्थलों के विकास से पर्यटन को नई दिशा मिली है. यह दिखाता है कि प्रदेश में विकास केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना के संरक्षण के साथ आगे बढ़ रहा है.
विकसित भारत में उत्तर प्रदेश की निर्णायक भूमिका
दोनों नेताओं की सहमति है कि विकसित भारत के लक्ष्य में उत्तर प्रदेश की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी. निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और नवाचार के क्षेत्रों में प्रदेश की प्रगति इस साझा दृष्टि का परिणाम है. उत्तर प्रदेश दिवस पर हुआ यह संवाद केवल औपचारिक नहीं, बल्कि उस भरोसे और तालमेल का प्रमाण है, जिसके सहारे उत्तर प्रदेश देश का ग्रोथ इंजन बनकर उभर रहा है.
साझा संकल्प से नई ऊंचाइयों की ओर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संदेश और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उत्तर यह स्पष्ट करता है कि डबल इंजन सरकार समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है. संदेश साफ है कि केंद्र और राज्य मिलकर उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए पूरी दृढ़ता और निरंतरता के साथ कार्य कर रहे हैं.

