नोएडा के चाइल्ड पीजीआई अस्पताल में कैथ लैब का ट्रायल शुरू, फरवरी से होगा इलाज

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NCR में हेल्थकेयर सुविधाओं के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है. नोएडा के चाइल्ड पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट (चाइल्ड PGI) में एक अत्याधुनिक कार्डियक कैथेटराइजेशन लैब का ट्रायल शुरू हो गया है. सफल ट्रायल के बाद, फरवरी में इस सुविधा का इस्तेमाल करके दिल की बीमारी से पीड़ित बच्चों का इलाज शुरू हो जाएगा.

आधुनिक मशीनों से होगा इलाज

हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक, कैथ लैब से जुड़ी सभी आधुनिक मशीनें लगा दी गई हैं. शुरुआती टेक्निकल जांच के बाद, डॉक्टरों की एक टीम अब इसका टेस्ट कर रही है. लगभग एक हफ्ते के ट्रायल के बाद, यह मरीजों के लिए पूरी तरह से चालू हो जाएगा. पहले, हॉस्पिटल में बच्चों के दिल की बीमारियों का इलाज मुख्य रूप से ओपन-हार्ट सर्जरी से किया जाता था.

दिल में छेद जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज

चाइल्ड PGI पिछले तीन सालों से दिल में छेद जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज कर रहा है, लेकिन अब कैथ लैब की सुविधा मिलने से इलाज की प्रक्रिया ज्यादा सुरक्षित और आसान हो जाएगी. कैथ लैब टेक्नोलॉजी से कम चीरा लगाकर इलाज किया जा सकेगा, जिससे बच्चों को कम दर्द होगा और वे जल्दी ठीक हो जाएंगे.

इंस्टीट्यूट डायरेक्टर द्वारा दी गई जानकारी

इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर, डॉ. ए.के. सिंह ने कहा कि ट्रायल पूरा होते ही कैथ लैब के जरिए दिल की बीमारी से पीड़ित बच्चों का इलाज शुरू हो जाएगा. उन्होंने कहा कि यह सुविधा जन्मजात दिल की बीमारी वाले बच्चों के लिए खास तौर पर फायदेमंद होगी.

क्या किया जाएगा कैथ लैब से?

कैथ लैब के जरिए, बच्चों में दिल में छेद, दिल के वाल्व का सिकुड़ना और खून की नसों में रुकावट जैसी बीमारियों का इलाज स्टेंटिंग या बैलून टेक्नोलॉजी से किया जा सकता है. इसके अलावा, एरिथमिया (दिल की धड़कन का असामान्य होना) के मामलों में, कैथेटर के जरिए खराब टिशू को नष्ट किया जा सकता है.

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कैथ लैब टेक्नोलॉजी से कॉम्प्लीकेशन्स का खतरा कम

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ओपन-हार्ट सर्जरी की तुलना में कैथ लैब टेक्निक में कॉम्प्लीकेशन्स का खतरा कम होता है. बच्चों को हॉस्पिटल में कम समय तक रहना पड़ता है और वे जल्दी नॉर्मल जिंदगी में लौट सकते हैं. साथ ही इस प्रोसीजर से सीने पर बड़ा निशान नहीं पड़ता है.

दिल्ली-NCR में दिल की बीमारी वाले बच्चों को होगा फायदा

कैथ लैब के जरिए, डॉक्टर ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन लेवल और दिल की बनावट का सही-सही पता लगा सकते हैं, जिससे इलाज ज्यादा असरदार होता है. चाइल्ड PGI में इस नई सुविधा के शुरू होने से न सिर्फ नोएडा बल्कि पूरे दिल्ली-NCR क्षेत्र में दिल की बीमारी वाले बच्चों को काफी फायदा होने की उम्मीद है.

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