विमेंस प्रीमियर लीग के एलिमिनेटर मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने गुजरात जायंट्स को हराकर फाइनल में जगह बनाई। दिल्ली महिला प्रीमियर लीग के इतिहास में लगातार चार बार फाइनल खेलने वाली पहली टीम बन गई है। कैपिटल्स के सामने बृहस्पतिवार को खेले जाने वाले फाइनल में पूर्व चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की चुनौती होगी।
जायंट्स को सात विकेट पर 168 रन पर रोकने के बाद दिल्ली कैपिटल्स ने 15.4 ओवर में तीन विकेट गंवा कर लक्ष्य हासिल कर लिया। कैपिटल्स के लिए लिजेल ली ने 24 गेंद में 43, शेफाली वर्मा ने 21 गेंद में 31, कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स ने 23 गेंद में 41 और लौरा वोल्वार्डट ने 24 नाबाद 32 रन का योगदान दिया।
ली और शेफाली की तूफानी साझेदारी
ली और शेफाली ने पहले विकेट के लिए 43 गेंद में 89 रन की आक्रामक साझेदारी के साथ मैच का रुख तय किया तो वहीं, वोल्वार्डट और जेमिमा ने तीसरे विकेट के लिए 42 गेंद में 68 रन की साझेदारी कर अच्छी शुरुआत को जाया नहीं होने दिया। जायंट्स के लिए जॉर्जिया वेयरहम ने दो जबकि राजेश्वरी गायकवाड़ को एक सफलता मिली।
इससे पहले सलामी बल्लेबाज बेथ मूनी की नाबाद 62 रन की शानदार पारी के दम पर जायंट्स ने सात विकेट 168 रन बनाये। मूनी ने एक छोर संभालते हुए 51 गेंद की पारी में छह चौके जड़ने के साथ पांचवें विकेट के लिए जॉर्जिया वेयरहम के साथ 46 गेंद में 61 जबकि आखिरी ओवरों में काश्वी गौतम के साथ 19 गेंद में 39 रन की साझेदारी कर टीम को प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचाया।
हेनरी और नंदनी की घातक गेंदबाजी
वेयरहम में 25 गेंद में तीन चौके और एक छक्का लगा 35 रन बनाये जबकि काश्वी ने 10 गेंद में 18 रन की परी के दौरान तीन चौके जड़ें। जायंट्स ने आखिरी दो ओवरों में 31 रन बटोरे। दिल्ली कैपिटल्स के लिए चिनेल हेनरी ने तीन तो नंदनी शर्मा ने दो विकेट चटकाए।
इस जीत से पहले लीग स्टेज पर दिल्ली कैपिटल्स को गुजरात जायंट्स ने दो रोमांचक मुकाबले में हराया। नवी मुंबई में गुजरात ने आखिरी ओवर में टारगेट डिफेंड किया था। वहीं, वडोदरा में भी आखिरी ओवर में टारगेट डिफेंड किया था। दोनों ही बार सोफी ने अंतिम ओवर किया था। हालांकि, इस बार दिल्ली ने उन दोनों हार का बदला ले लिया।

