12वीं पास करने के बाद सिविल सेवा परीक्षा के लिए कोशिश करना और उसमें सफलता पाना ये ज्यादातर छात्र छात्राओं का सपना होता है। लेकिन देश में बहुत से छात्र फाइनेंशियल दबाव की वजह से UPSC सिविल सर्विस की तैयारी छोड़ देते हैं। इसकी एक सबसे बड़ी वजह महंगी कोचिंग फीस है, और दूसरी वजह बड़े शहर में जाकर रहना-खाना है। इस परीक्षा के लिए इतना जुनून होना स्वाभाविक है, क्यों यही वो परीक्षा है, जिसे पास करके आप IAS: Indian Administrative Service (Premier service), IPS: Indian Police Service (Law and order) और IFoS: Indian Forest Service (Also known as IFS) जैसे सेवाओं में जा सकते हैं। ये देश की सबसे कठिन परीक्षा में से एक है। इसकी तैयारी कराने के लिए के लिए कई कोचिंग संस्थान मनमाना शुल्क लेती हैं। इस वजह से सैकड़ो या इससे भी ज्यादा छात्र या तो कोचिंग नहीं लेते या बीच रास्ते तैयारी छोड़ देते हैं। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र-छात्राओं के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन जाती है। ऐसे में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के लाखों युवाओं के जीवन में Mukhyamantri Abhyuday Yojana के जरिए नई अलख जगाई है, जिससे बहुत से छात्रों की सिविल सेवा की राह आसान हुई है।
मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग क्या है
मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एक निःशुल्क कोचिंग पहल है, जो 16 फरवरी 2021 (बसंत पंचमी) से शुरू की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य गरीब और मेधावी छात्रों को UPSC, PCS, JEE, NEET, NDA, CDS जैसी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन प्रदान करना है। योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश में युवा सशक्तिकरण के लिए 8 नि:शुल्क आवासीय और 150 मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग चला रही है।
मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग के लिए पात्रता
अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के पुरुष उम्मीदवार, जिनकी पारिवारिक आय छह लाख रुपये तक है वो इस स्कीम (Mukhyamantri Abhyudaya Nishulk Coaching Yojana) के लिए पात्र हैं। इसके अलावा आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए। शैक्षणिक योग्यता की बात करें, तो जो छात्र 10वीं, 11वीं या 12वीं क्लास में हैं, या जिन्होंने ग्रेजुएशन/इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी कर ली है। वे भी abhyuday.up.gov.in या abhyudayup.in या yuvasathi.in से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। आवेदक आमतौर पर 21 साल या उससे ज्यादा उम्र का होना चाहिए, हालांकि स्कूल-लेवल कोचिंग के लिए यह अलग हो सकता है।
आपको जानकार हैरानी हो सकती है कोचिंग सत्र के दौरान हर विषय के विशेषज्ञ नियमित रूप से क्लास लेते हैं। मुख्य परीक्षा पर फोकस करते हुए लेखन का अभ्यास कराया जाता है, मॉडल टेस्ट कराए जाते हैं और परीक्षा पैटर्न से छात्रों को परिचित कराया जाता है।
रजिस्ट्रेशन के लिए किन डाक्यूमेंट की होती है जरूरत
- जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड
- उत्तर प्रदेश का डोमिसाइल सर्टिफिकेट
- आय प्रमाण पत्र (BPL स्टेटस वेरिफिकेशन के लिए)
- शैक्षणिक प्रमाण पत्र (10वीं/ 12वीं/ ग्रेजुएशन)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- रजिस्ट्रेशन ऑफिशियल पोर्टल: abhyuday.up.gov.in या abhyudayup.in या yuvasathi.in पर किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग का उद्देश्य
इसके माध्यम से युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और रोजगार मिलने में मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों पर विशेष फोकस है। वो चाहते हैं कि प्रतिभाशाली युवाओं को अपने लक्ष्य तक पहुंचने में किसी भी बाधा का सामना न करना पड़े।
- समाज के वंचित वर्गों को विकास के अवसर प्रदान करना।
- उत्तर प्रदेश में युवाओं और महिलाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाना।
- उद्यमिता और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना।
- बेहतर कनेक्टिविटी और पहुंच के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास।
- स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसी जरूरी सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करना।
- उत्तर प्रदेश के लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना।
यूपीपीसीएस 2024 मुख्य परीक्षा परिणाम में 77 अभ्यर्थियों का चयन
इस पहल के नतीजे भी देखने को मिल रहे हैं, अभी 5 फरवरी को आई खबर के अनुसार इस बार 77 अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (यूपीपीसीएस) 2024 की मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल की है। यह उपलब्धि योगी सरकार की युवा कल्याण से जुड़ी नीति को दर्शाती है, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभावान युवाओं को निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर दिया जा रहा है।
मील का पत्थर साबित साबित हो रही पहल
योगी सरकार की यह पहल प्रदेश के युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंच दिलाने में मील का पत्थर साबित हो रही है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत अभ्यर्थियों को निःशुल्क आवास, भोजन, पुस्तकालय, ऑनलाइन व ऑफलाइन कक्षाएं, विषय विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन, मुख्य परीक्षा केंद्रित उत्तर लेखन अभ्यास, मॉडल टेस्ट और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाती है।
मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग की खासियत
उत्तर प्रदेश के 150 अभ्युदय कोचिंग सेंटर में पिछले साल 23801 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। सिविल सर्विसेस के लिए 8663, NEET के लिए 5574, JEE के लिए 2018, एनडीए/सीडीएस के लिए 801 और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 6745 छात्रों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया था। खास बात ये है कि कक्षाएं अनुभवी विषय विशेषज्ञों और IAS/IPS जैसे प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ली जाती हैं। इसके अलावा छात्र फिजिकल क्लासेस के साथ-साथ वर्चुअल (ऑनलाइन) माध्यम से भी पढ़ाई कर सकते हैं।

