संचार नाउ। उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी एआई एवं डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए एएम ग्रुप और राज्य सरकार की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी ‘इन्वेस्ट यूपी’ के बीच 1 गीगावॉट (GW) हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC) एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
दरअसल, यह अत्याधुनिक परियोजना यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में विकसित की जाएगी, जिसमें लगभग 25 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश प्रस्तावित है। परियोजना का प्रथम चरण 2028 तक संचालित करने और 2030 तक पूर्ण 1 गीगावॉट क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
289 एकड़ में विकसित होगा हरित डेटा सेंटर
YEIDA ने सेक्टर 28 में 114 एकड़ और सेक्टर 8D में 175 एकड़ भूमि के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) जारी किया है। यह डेटा सेंटर 24×7 कार्बन-फ्री ऊर्जा—पवन, सौर और पम्प्ड स्टोरेज—से संचालित होगा, जिससे इसे पूर्णतः हरित और सतत इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में विकसित किया जाएगा। परियोजना के तहत लगभग 5 लाख अत्याधुनिक हाई-परफॉर्मेंस चिपसेट्स स्थापित किए जाएंगे, जो वैश्विक हाइपरस्केलर्स, अनुसंधान संस्थानों, उद्यमों और भारत की संप्रभु एआई पहलों की जरूरतों को पूरा करेंगे।
एआई के लोकतंत्रीकरण की दिशा में पहल
एएमजी एआई लैब्स ‘एआई के लोकतंत्रीकरण’ के उद्देश्य से ऑन-डिमांड इलेक्ट्रॉन से लेकर इंटेलिजेंट टोकन तक संपूर्ण वैल्यू चेन विकसित कर रही है। ऊर्जा, स्वास्थ्य, विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, मीडिया, गेमिंग और क्लाउड सेवाओं जैसे क्षेत्रों के लिए अनुकूलित एआई समाधान उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे भारतीय डेवलपर समुदाय को अत्याधुनिक चिपसेट्स तक व्यापक पहुंच मिलेगी और घरेलू स्तर पर एआई नवाचार को गति मिलेगी।
रोजगार और निवेश को बढ़ावा
यह परियोजना बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आकर्षित करेगी और हजारों उच्च-कुशल रोजगार सृजित करेगी। साथ ही हार्डवेयर निर्माण, सॉफ्टवेयर विकास और विशेषीकृत कूलिंग तकनीकों के लिए मजबूत स्थानीय इकोसिस्टम तैयार होगा।
एएम ग्रुप, ग्रीनको ग्रुप के संस्थापकों द्वारा समर्थित एक अग्रणी ऊर्जा संक्रमण एवं प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म है। ग्रीनको वर्तमान में 50 गीगावॉट से अधिक ऊर्जा अवसंरचना विकसित कर रहा है और 100 GWh ऊर्जा भंडारण क्षमता वाले वैश्विक समाधान पर कार्यरत है। यह पहल उत्तर प्रदेश को वैश्विक एआई मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।

