गौतम बुद्ध नगर में नवजात बच्ची की बिक्री का मामला, निजी अस्पताल सील

Sanchar Now
3 Min Read

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक निजी अस्पताल के मालिक सहित तीन लोगों को पांच दिन की नवजात बच्ची की कथित बिक्री में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने मंगलवार को अस्पताल को सील कर दिया। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दोनों ही इस मामले की गहन जांच में जुटे हुए हैं।

पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अस्पताल के मालिक, एक सफाईकर्मी और ऑपरेशन थिएटर के एक तकनीशियन को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, एक नर्स और उसका पति अभी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है। घटना के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।

अस्पताल का लाइसेंस रद्द, भवन सील

जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बिसरख थाना क्षेत्र में स्थित ‘नवजीवन’ नामक इस निजी अस्पताल का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है और अस्पताल को सील कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मानव तस्करी के तहत दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने बताया कि इस घटना के संबंध में शनिवार को बिसरख थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 143(2) और 143(4), जो मानव तस्करी से संबंधित हैं, के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा, किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों को भी शामिल किया गया है ताकि मामले की निष्पक्ष और कठोर जांच हो सके।

पढ़ें  नोएडा में इन 3 जगहों पर मकान-दुकान खरीदने से बचें, प्राधिकरण ने जारी की खसरा नबंर लिस्ट

2.6 लाख रुपये में बच्ची बेचने की साजिश

जांच के दौरान यह सामने आया कि अस्पताल के एक कर्मचारी ने नवजात बच्ची को गोद दिलाने के बहाने एक व्यक्ति से 2.6 लाख रुपये की मांग की थी। इस सूचना के आधार पर मानव तस्करी रोधी इकाई और बिसरख थाना पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया।

बच्ची को सुरक्षित किया गया, आश्रय गृह भेजा गया

पुलिस की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्ता से संपर्क किया और नवजात बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया। इसके बाद बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के निर्देशानुसार बच्ची को साई कृपा आश्रय गृह में सुरक्षित रूप से भेज दिया गया है।

आरोपियों की पहचान और आगे की जांच

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अस्पताल की मालकिन यशिका गर्ग (33), सफाईकर्मी गजेंद्र सिंह (35) और ऑपरेशन थिएटर तकनीशियन रणजीत सिंह (24) के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

Share This Article
Follow:
Sanchar Now is Digital Media Platform through which we are publishing international, national, states and local news mainly from Western Uttar Pradesh including Delhi NCR through Facebook, YouTube, Instagram, Twitter and our portal www.sancharnow.com
Leave a Comment