राम मंदिर चढ़ावा चोरी: कोषाध्यक्ष ने सधा वक्तव्य देकर खुद को प्रकरण से किया अलग, चंपत और अनिल पर भी दिया बयान

Sanchar Now
3 Min Read

राम मंदिर में दान चोरी के मामले में अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से बाहर हो चुके पूर्व महासचिव चंपत राय अब कोषाध्यक्ष गोविंददेव के भी निशाने पर आ गए हैं। गोविंददेव ने पूरे मामले में चंपत राय पर ठीकरा फोड़ दिया है। उन्हें शिथिल व्यवस्था के लिए जिम्मेदार बताया और कहा कि उनकी व्यवस्थाओं की वजह से ही इतना बड़ा संकट खड़ा हुआ है। गोविंदगिरी ने हिन्दुस्तान के साथ कई मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने हालांकि चंपत राय का बचाव भी किया है।

शिथिल कार्यपद्धति का नतीजा

गोविंददेव गिरी ने कहा कि ऐसा चंपत राय की कार्यपद्धति के कारण हुआ। उन्होंने अपने ड्राइवर पर बेइंतिहा भरोसा कर लिया। निगरानी सिस्टम कमजोर होने के कारण ऐसी स्थिति बनी। स्वामी ने कहा कि जब इतना बड़ा, लंबा चौड़ा काम फैला हुआ था तो उन्हें व्यवस्थाओं को विकेंद्रीयकृत करना चाहिए था। आरोप लगने से पहले भी यह बातें चर्चा में आती थीं, लेकिन वह इन बातों को नजरंदाज करते थे। उनको लगता था कि सब हो जाएगा। यही तो शिथिलता है, यही असावधानी है। उनकी असावधानी के कारण इतना बड़ा संकट खड़ा हो गया।

कोष में आने तक किसी धन की जिम्मेदारी मेरी नहीं

एक सवाल के जवाब में कहा कि दानपात्रों की जिम्मेदारी डॉ. अनिल मिश्र की थी। कोषाध्यक्ष होने के नाते कोष में जो आ गया, उसको संभालना, ठीक ढंग से व्यय करना मेरी जिम्मेदारी है। कोष में आने तक मेरी जिम्मेदारी नहीं है। यह काम प्रोफेशनल का है, कठोर अनुशासन का है। अब मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त कर रहे हैं। तीन लोगों की कमेटी ट्रस्ट ने बना दी है। यह कमेटी तीन नाम ट्रस्ट के समक्ष प्रस्तावित करेगी। उनमें से हम एक का चयन करेंगे।

पढ़ें  सीएम धामी ने देहरादून में किया युवा महोत्सव का शुभारंभ, उत्तराखंड वॉलंटियर पोर्टल भी हुआ शुरू

न्याय होगा, दंड भी मिलेगा

गिरी ने कहा कि इसमें न्याय होगा, न्याय होना चाहिए और अपराधी को दंड भी मिलना चाहिए, क्योंकि यह गहरी चोट रामभक्तों के अंतःकरण पर है। यह प्रहार श्रद्धा पर है। लेकिन साथ-साथ इतना प्रभावित नहीं हो जाना चाहिए कि हिन्दू समाज में फूट का निर्माण हो जाए, रामभक्तों में फूट पड़ जाए और राम मंदिर के प्रति जो श्रद्धा भाव हो, कम हो जाए, ऐसा हम होने नहीं देंगे।

किसी को दोषी ठहराना मेरा काम नहीं

एसआईटी की रिपोर्ट पर चर्चा करना मेरा काम नहीं है। मैं अभी चंपत जी से मिला नहीं हूं। किसी को दोषी ठहराना मेरा काम नहीं है। यदि वह (एसआईटी) दोषी ठहराते हैं तो दोषी, नहीं ठहराते तो दोषी नहीं हैं। बैंक बदलने के सवाल पर कहा मैं यह नहीं कहूंगा कि खाता बदल दिया जाए। वह एक प्रतिष्ठित संस्थान है, उसको लांक्षित नहीं करना चाहता। भूल तो भूल है।

Share This Article
Follow:
Sanchar Now is Digital Media Platform through which we are publishing international, national, states and local news mainly from Western Uttar Pradesh including Delhi NCR through Facebook, YouTube, Instagram, Twitter and our portal www.sancharnow.com
Leave a Comment