आगरा: ताजनगरी आगरा की श्रीनगर कॉलोनी में गुरुवार को एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने पूरे इलाके को हैरत में डाल दिया। बरेली के अस्पताल में मृत घोषित की गईं 65 वर्षीय शीला देवी का शव परिजन घर लेकर आए। एक घंटे बाद उनके शरीर में अचानक हलचल होने लगी। अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच उन्होंने अपने दामाद का हाथ पकड़ लिया और बोलीं- ‘मुझे कहां ले जा रहे हो। मैं जिंदा हूं।’ यह दृश्य देखकर परिजनों के होश उड़ गए और घर में अफरा-तफरी मच गई।
यह घटना थाना ट्रांस यमुना की है। शीला देवी लंबे समय से लिवर और सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित थीं। करीब डेढ़ माह पहले वह इलाज के लिए अपने बेटे संजीव माहौर के पास बदायूं गई थीं। सोमवार को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मंगलवार को उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।
अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने लगे रिश्तेदार
परिजनों के मुताबिक, बुधवार तड़के करीब तीन बजे अस्पताल के डॉक्टरों ने शीला देवी को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद बेटा एंबुलेंस से उनका शव लेकर शाम करीब सात बजे आगरा स्थित घर पहुंचा। शव को घर के एक कमरे में जमीन पर रखा गया। रिश्तेदार अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने लगे और अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो गईं। फूल-मालाएं और अन्य सामग्री भी मंगवा ली गई थी।
दामाद ने पैर छुए, महिला ने पकड़ लिया हाथ
रात करीब आठ बजे अचानक शीला देवी के शरीर में हलचल होने लगी। परिजन पहले इसे भ्रम समझते रहे, लेकिन जब दामाद ने उनके पैर छुए तो उन्होंने उनका हाथ पकड़ लिया। इसके बाद उन्होंने कहा, ‘तुम मेरे पैर क्यों छू रहे हो? मुझे कहां ले जा रहे हो? मैं जिंदा हूं। तुम सब रो क्यों रहे हो?’ महिला की आवाज सुनते ही घर में मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। कुछ देर के लिए किसी को समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। परिजनों ने बिना देर किए शीला देवी को तत्काल आगरा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सक उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
पड़ोसी भी रह गए दंग
पड़ोसी श्याम किशोर शर्मा ने बताया कि एंबुलेंस से शव उतारकर घर में रखा गया था। बेटी और दामाद अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे थे। महिला के जिंदा होने की खबर पूरे मोहल्ले में यह खबर फैल गई और बड़ी संख्या में लोग घर के बाहर जुट गए। लोगों में चर्चा का विषय यह भी बना हुआ है कि जिस महिला को अस्पताल में मृत घोषित किया गया, उसकी धड़कनें कैसे लौट आईं। हालांकि, इस संबंध में संबंधित अस्पताल की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है।
