राजधानी लखनऊ में यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा की बहन आईसीआईसीआई बैंक की अधिकारी दिव्या मिश्रा समेत दो की हत्या के मामले में पुलिस को अहम साक्ष्य मिले हैं। पुलिस को हत्यारे मानस की कॉल डिटेल से पता चला है कि कोई उसकी मदद कर रहा था। उसने ही दिव्या के बैंक पहुंचने की जानकारी मानस को फोन पर दी थी। सटीक मुखबिरी पर मानस आटो से बैंक पहुंचा और उसने बिना देर किए दिव्या की हत्या कर दी थी। मानस ने वारदात से 24 घंटे पहले करीब 20 से ज्यादा लोगों से फोन पर बात की थी। दिव्या की हत्या करने के बाद आटो से ही अपने घर भागा और बहन की हत्या के बाद सुसाइड कर ली दी।
प्रज्ञा मिश्रा ने पहले ही इस बात की आशंका जताई थी कि मानस कार चलाना नहीं जानता था। ऐसे में सरेराह हत्या के बाद आटो से भाग निकलना और घर जाकर बहन की हत्या करने के बाद सुसाइड करने में कोई उसकी मदद कर रहा था। कोई ऐसा था जिसे पूरे परिवार के खत्म होने से फायदा हो रहा था।
मानस की काल डिटेल्स के आधार पर पुलिस कई लोगों पर नजर रखे हुए है। इनमें से कई नंबर तो ऐसे हैं जिनसे वह अक्सर बात करता था। उसके कार्यक्षेत्र से जुड़े थे। जबकि कुछ संदिग्ध नंबर मिले हैं। पुलिस उन संदिग्धों से पूछताछ की तैयारी कर रही है।
बैंक में साथी कर्मचारियों से होगी पूछताछ
पुलिस टीम सोमवार को बैंक पहुंचेगी। टीम जानकीपुरम स्थित मानस की बैंक के कर्मचारियों और अधिकारियों से पूछताछ करेगी। घटना के दो से चार दिन के अंदर मानस का कैसा व्यवहार था? मानस ने मिलने बैंक कौन कौन आता था? किस तरह के लोगों से वह संपर्क में था? इन बिंदुओं पर पुलिस टीम उसके साथी कर्मचारियों से पूछताछ करेगी।
असलहा मुहैया कराने वाले कई पुलिस की रडार पर
असलहा मुहैया कराने वाले कुछ लोगों को गोमतीनगर पुलिस ने रडार पर ले लिया है। उनकी तलाश में पुलिस की चार टीमें पड़ोसी जनपदों के साथ ही गैर राज्यों में दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही असलहा मुहैया कराने वाला गिरफ्तर में होगा।
कई बिन्दुओं पर पुलिस कर सकती है खुलासा
जल्द पुलिस घटना से जुड़े कई अन्य बिंदुओं पर खुलासे कर सकती है। दिव्या मिठाई वाला चौराहे के पास आईसीआईसीआई बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर तैनात थी। वह सुबह बैंक पहुंची। इसके बाद वह एक साथी के साथ विजिट पर गई थी।
बैंक के बाहर क्या हुआ था
दिव्या गुरुवार दोपहर वापस करीब 12:19 बजे बैंक के गेट पर पहुंची थी। इसकी सूचना मानस को मिली और वह भी तत्काल ऑटो से पहुंच गया। दिव्या बैंक के अंदर जा रही थी, तभी मानस ने पीछे से उसे खींचा और पीटने लगा। इसके बाद असलहे की बट से सिर पर प्रहार किए और फिर माथे पर सटा कर गोली मार दी। इसके बाद आटो में बैठा और घर पहुंचकर उसी पिस्टल से बहन की हत्या कर दी। फिर खुद को गोली मारकर सुसाइड कर ली थी।
