आज 26 अगस्त 2026, बुधवार के दिन श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। आज के दिन भगवान शिव की पूजा के साथ-साथ विष्णु जी की आराधना भी विशेष फलदायी मानी जाती है। चंद्रदेव आज दिन भर मकर राशि में श्रवण नक्षत्र में विराजमान रहेंगे, जिसके स्वामी शनिदेव और देवता भगवान विष्णु हैं। आज सौभाग्य योग के साथ अमृत काल दोपहर में प्राप्त हो रहा है, जो शुभ कार्यों के लिए उत्तम है। वहीं राहुकाल और यमगण्ड के समय में किसी भी नए कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए।
तिथि: शुक्ल त्रयोदशी
मास: श्रावण
दिन: बुधवार
संवत्: 2083
महत्वपूर्ण विवरण
तिथि: शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी – प्रातः 07 बजकर 59 मिनट तक, फिर चतुर्दशी तिथि
योग: सौभाग्य – प्रातः 07 बजकर 59 मिनट तक, फिर शोभन
करण: तैतिल – प्रातः 07 बजकर 59 मिनट तक
करण: गरज – रात्रि 08 बजकर 37 मिनट तक, फिर वणिज
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 05 बजकर 56 मिनट
सूर्यास्त का समय: सायं 06 बजकर 49 मिनट
चंद्रोदय का समय: सायं 05 बजकर 55 मिनट
चंद्रास्त का समय: अगले दिन तड़के 04 बजकर 50 मिनट (27 अगस्त)
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: सिंह राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: मकर राशि में स्थित हैं
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: कोई नहीं
अमृत काल: दोपहर 01 बजकर 33 मिनट बजे से दोपहर 03 बजकर 17 मिनट तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 12 बजकर 23 मिनट से दोपहर 01 बजकर 59 मिनट तक
गुलिकाल: प्रातः 10 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 23 मिनट तक
यमगण्ड: प्रातः 07 बजकर 33 मिनट से प्रातः 09 बजकर 09 मिनट तक
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव श्रवण नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
श्रवण नक्षत्र: अगले दिन मध्यरात्रि 12 बजकर 48 मिनट (27 अगस्त) तक, फिर धनिष्ठा
स्थान: 10° मकर राशि से 23°20’ मकर राशि तक
नक्षत्र स्वामी: चंद्रदेव
राशि स्वामी: शनिदेव
देवता: विष्णुदेव (सृष्टि के पालनहार)
प्रतीक: कान
सामान्य विशेषताएं: जिज्ञासु, बुद्धिमान, ज्ञानी, उच्च बौद्धिक क्षमता, उत्साही, अच्छे श्रोता, गंभीर, संकोची, आत्मविश्वास में कमी के कारण निरंतर सीखने वाले।
