संचार नाउ। अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर करप्शन फ्री इंडिया संगठन के कार्यकर्ताओं ने गौतमबुद्धनगर की सदर तहसील में कथित भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर में नारेबाजी करते हुए भ्रष्टाचार पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर आरोपी अधिकारियों और कर्मचारियों की निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई की मांग की गई।
दरअसल, संगठन के नेता प्रवीण भारतीय ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से जाति, आय, मूल निवास प्रमाण पत्र और दाखिल-खारिज जैसी कई सेवाओं को ऑनलाइन किया गया है, लेकिन इसके बावजूद आम लोगों को सरकारी प्रक्रिया से राहत नहीं मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लेखपाल की रिपोर्ट लगाने के नाम पर कथित तौर पर सुविधा शुल्क की मांग की जाती है।
प्रवीण भारतीय ने दावा किया कि दाखिल-खारिज के मामलों में कथित रूप से दलालों की भूमिका बनी हुई है और किसानों तथा ग्रामीणों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए महीनों तक तहसील के चक्कर लगाने पड़ते हैं। संगठन का आरोप है कि बिना कथित रिश्वत के कई कार्य समय पर नहीं किए जाते, जिससे दूर-दराज से आने वाले किसानों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था का संकल्प लेकर काम कर रही हैं, लेकिन तहसीलों सहित कई सरकारी कार्यालयों में आम जनता को अभी भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने तहसील से दलाल प्रथा समाप्त करने, रिश्वतखोरी के आरोपों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई तथा किसानों और आम नागरिकों के कार्य पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से कराने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
