यूपी में संस्कृति उत्सव से जोड़े जाएंगे जेन-जी और जेन-अल्फा, मंत्री जयवीर सिंह ने की घोषणा

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन से जोड़ने के लिए गांधी जयंती से ‘कल्चर टैलेंट हंट’ अभियान शुरू करेगी। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बुधवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि 2 अक्टूबर से 25 दिसंबर तक स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों को नवाचार, ऐतिहासिक धरोहरों और उनसे जुड़ी कहानियों व अनुभवों से जोड़ा जाए। अभियान का समापन 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर राज्यस्तरीय कार्यक्रम के साथ होगा। पर्यटन भवन में संस्कृति एवं पर्यटन विभाग तथा उत्तर प्रदेश ब्रजतीर्थ विकास परिषद की समीक्षा बैठक में जयवीर सिंह ने कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी विरासत पर गर्व कराने और ऐतिहासिक धरोहरों से भावनात्मक रूप से जोड़ने के लिए नए कार्यक्रम तैयार किए जाएं। उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं को नवंबर 2026 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि केंद्र स्तर पर लंबित परियोजनाओं और वित्तीय मामलों के निस्तारण के लिए जल्द ही नई दिल्ली में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। उन्होंने लखनऊ में शहीद पथ के पास लुलु मॉल के पीछे उपलब्ध भूमि पर संस्कृति एवं पुरातत्व भवन के निर्माण के लिए एलडीए और जिलाधिकारी से समन्वय करने के निर्देश दिए। भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के पक्ष में 45 एकड़ अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी तेज करने को कहा।

जयवीर सिंह ने संस्कृति निदेशालय की 21 परियोजनाओं तथा सीएनडीएस की 13 परियोजनाओं में निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद तत्काल काम शुरू कराने के निर्देश दिए। प्रदेश में निर्माणाधीन रामलीला की चहारदीवारियों का काम पूरा होने पर उन्हें संबंधित रामलीला समितियों को हस्तांतरित करने को भी कहा।

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उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 तक धनराशि आवंटित हो चुकी परियोजनाओं का निर्माण कार्य नवंबर तक हर हाल में शुरू कराया जाए। पर्यटकों की सुविधा के लिए साइनेज, पर्यटक सुविधा केंद्र और विभागीय पोर्टलों के सुचारू संचालन के लिए अलग सेल बनाने के निर्देश भी दिए। बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में पर्यटन विभाग की 575 परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं, जिनमें शिलालेख और बारकोड की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।

मंत्री ने असंतोषजनक कार्य करने वाले इम्पैनल्ड आर्किटेक्टों के स्थान पर नए आर्किटेक्टों को सूचीबद्ध करने और लंबित उपयोगिता प्रमाणपत्रों तथा संतोषजनक कार्य करने वाले आर्किटेक्टों के भुगतान का निस्तारण करने के निर्देश दिए। ब्रजतीर्थ विकास परिषद की समीक्षा में पूर्ण हो चुकी 126 परियोजनाओं, जिनकी कुल लागत 48,428.31 लाख रुपये है, तथा 41,941.99 लाख रुपये की 24 प्रगतिशील परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।

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