लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ट्रिपल मर्डर केस में सनसनीखेज वीडियो फुटेज सामने आया है। पूर्व नेवी अफसर ने गुस्से में पिता, बेटा और उनके भाई को गोलियों से भून डाला। इस पूरी घटना का फुटेज देखकर लोग सिहर रहे हैं। इसमें आरोपी खुलेआम गोलियां बरसाता दिख रहा है। मौके पर मौजूद लोगों के रोकने पर वह फायरिंग करता दिखता है। वीडियो में महिलाओं के चीखने-चिल्लाने की भी आवाज सुनाई दे रही है। इस फुटेज के सामने आने के बाद एक बार फिर लोग घटना को याद करते दिख रहे हैं।
क्या है पूरी घटना?
लखनऊ में ट्रिपल मर्डर की घटना सोमवार 26 अक्टूबर को सामने आई थी। मर्चेंट नेवी में नेविगेशन अफसर ऋषभ शुक्ला ने सआदतगंज के ब्राह्मण टोला में कार पार्किंग और चबूतरे को लेकर झगड़ा शुरू किया। देखते ही देखते झगड़ा विकराल रूप ले लिया। 30 वर्षीय ऋषभ शुक्ला की भिड़ंत पड़ोसी शंभु तिवारी से शुरू हुई। ऋषभ ने उन पर गोली चला दी। यह देखते ही शंभु तिवारी के भाई शिवाजी तिवारी और उनका बेटा सुयश तिवारी दौड़कर मौके पर आए।
वीडियो में दिखता है कि ऋषभ को शिवाजी रोकने का प्रयास करते हैं। इसके बाद वह उन्हें जमीन पर गिरा देता है। इसके बाद उन पर फायर करता है। इसके बाद उसने सुयश तिवारी को भी गोलियों से छलनी कर दिया। घटना के वीडियो ने हर किसी को दहला दिया है। वहीं, आरोपी ऋषभ पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
26 अक्टूबर की है घटना
लखनऊ के सआदतगंज इलाके में 26 अक्टूबर की सुबह इस वारदात को अंजाम दिया गया था। अब वीडियो सामने आने के बाद इस घटना को लोग एक बार फिर याद कर रहे हैं। मामले की जानकारी मिलते ही डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक मौके पर पहुंचे। मामले में आरोपी ऋषभ शुक्ला और उसके परिजनों को गिरफ्तार किया गया है। ऋषभ के घर पर बुलडोजर एक्शन हुआ है। मामले में डिप्टी सीएम ने आरोपी पर एनएसए के तहत कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद मृतकों का अंतिम संस्कार हो सका। मृतकों के शवों को डिप्टी सीएम कंधा देते दिखे थे।
एक्शन हुआ है तेज
सआदतगंज ट्रिपल मर्डर केस के आरोपी ऋषभ के मकान को लेकर एलडीए ने जांच का दायरा बढ़ाया है। अब आरोपी के मकान के साथ आसपास की जमीनों का भी टोटल स्टेशन सर्वे कराने का निर्णय लिया गया है। नजूल की सरकारी जमीन पर कब्जे की आशंका को देखते हुए एलडीए ने ईटीएस मशीन से पैमाइश कराने का फैसला किया है। इसकी जिम्मेदारी नजूल अधिकारी प्रभाकर सिंह को सौंपी गई है।
रास्ते पर मिली बाउंड्रीवाल
एलडीए की टीम ने मंगलवार शाम आरोपी की बाउंड्रीवाल को रास्ते की जमीन पर बना पाए जाने के बाद ध्वस्त कराया था। इसके बाद नक्शे और अन्य अभिलेखों की जांच में आशंका सामने आई कि आरोपी का मकान भी सरकारी जमीन पर बना हो सकता है। इसी आशंका के आधार पर एलडीए ने अब केवल बाउंड्रीवाल तक कार्रवाई सीमित रखने के बजाय पूरे क्षेत्र की विस्तृत मापी कराने का निर्णय लिया है। आसपास की जमीनों का सर्वे होने से सरकारी और निजी भूमि की वास्तविक स्थिति साफ होगी।
मामले में अभी आरोपी को अवैध निर्माण के मामले में नोटिस दिया गया है। इसी आधार पर मकान सील कराया गया है। अगर विस्तृत सर्वे में नजूल की जमीन पर कब्जे की पुष्टि होती है तो एलडीए की ओर से बुलडोजर एक्शन फिर देखने को मिल सकता है। हत्याकांड के बाद इलाके के लोगों ने बुलडोजर एक्शन की मांग की थी।
