लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोकभवन में उत्तर प्रदेश कैबिनेट की अहम बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन, उद्योग, परिवहन समेत कई विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिए जाने की संभावना है।
नए साल में प्रदेश सरकार जनता को एक और राहत देने की तैयारी में है। आवासीय और कृषि भूमि के बाद अब औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों को भी गिफ्ट डीड के दायरे में लाने का प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। मंजूरी मिलने पर इन संपत्तियों की रजिस्ट्री महज पांच हजार रुपये के स्टांप पर परिवार के सदस्यों के नाम की जा सकेगी।
मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज
उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं फिर जोर पकड़ रही हैं। वर्तमान में प्रदेश मंत्रिमंडल में कुल 54 मंत्री हैं, जबकि यह संख्या 2027 तक 60 तक बढ़ सकती है।
जितिन प्रसाद के केंद्र में मंत्री और अनूप प्रधान वाल्मीकि के सांसद बन जाने से उनके पद रिक्त हैं। इस बदलाव के तहत कुछ मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है, जबकि कुछ के विभाग बदले जा सकते हैं। इसके अलावा संगठन और अन्य क्षेत्रों के नए चेहरे सरकार में शामिल किए जा सकते हैं।
पश्चिम क्षेत्र को मिलने की संभावना अधिक
प्रदेश में फिलहाल पूर्व क्षेत्र का प्रभाव सरकार और संगठन में अधिक है। संतुलन बनाए रखने के लिए पश्चिम क्षेत्र को विस्तार में प्राथमिकता देने की संभावना है।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को फिर से मंत्री बनाया जा सकता है। इस विस्तार में सामाजिक समीकरण और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखा जाएगा। बीते समय से पार्टी और संघ स्तर पर इस पर चर्चा और रायशुमारी जारी है।
कैबिनेट के एजेंडे में अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव
बैठक में उद्योग विभाग द्वारा तैयार की गई ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) की गाइडलाइन पर भी मुहर लग सकती है। इसके अलावा निम्नलिखित प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल हैं:
- पीलीभीत में बस स्टेशन निर्माण के लिए भूमि आवंटन
- 500 रुपये तक के स्टांप पर यूजर चार्ज तय करने का प्रस्ताव
- प्रदेश में सेमीकंडक्टर पार्क की स्थापना
इन फैसलों से प्रदेश में औद्योगिक विकास और अवसंरचना परियोजनाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


