दिल्ली कूच की चेतावनी के बाद झुका प्रशासन, 123 किसान किए रिहा, धरने पर फैसला आज

Sanchar Now
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ग्रेटर नोएडा: दलित प्रेरणा स्थल पर धरने पर बैठे किसानों की मंगलवार को हुई गिरफ्तारी के बाद बुधवार को ग्रेटर नोएडा में वेस्ट यूपी के दस से अधिक जिलों के किसान जुटे। उनके समर्थन में वकीलों ने भी हड़ताल कर दी और जेल में बंद किसानों को रिहा करने की मांग रखी गई। महापंचायत में शामिल होने आ रहे राकेश टिकैत को अलीगढ़ में अरेस्ट कर लिया गया, जिसके बाद ग्रेनो में किसानों ने दिल्ली कूच का ऐलान कर दिया। पांच से अधिक बार हुई अधिकारियों से वार्ता के बाद शाम करीब 4 बजे जेल में बंद 123 किसानों को रिहा किया गया।

किसानों ने कहा है कि गुरुवार को ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो पॉइंट पर पंचायत कर फैसला लिया जाएगा कि धरना दिल्ली बॉर्डर के निकट दलित प्रेरणा स्थल पर चलेगा या जीरो पॉइंट ही अब धरना स्थल बन जाएगा। प्रशासन चाहता है कि धरना जीरो पॉइंट पर ही चले।

ग्रेटर नोएडा में बुधवार को महापंचायत स्थल पर 20 से अधिक थानों की पुलिस फोर्स को लगाया गया। शहर की तमाम गोल चक्कर पर किसानों को रोकने के लिए पुलिस फोर्स लगाई गई। पूरे दिन धरना स्थल पर जिला प्रशासन और पुलिस के आधिकारिक पहुंचकर किसानों को समझाते रहे। धरना स्थल पर बैठे किसान जेल भेजे अपने साथियों की रिहाई और अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे।

किसानों के दबाव में देर शाम जेल भेजे गए सभी किसानों को रिहा किया गया। रिहा होने के बाद सभी किसान धरना स्थल पर पहुंच गए। यहां जेल से रिहा होकर आए किसानों का भव्य स्वागत किया गया। किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होगी वह अपना धरना खत्म नहीं करेंगे।

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देर शाम तक किसानों की मीटिंग चलती रही। उन्हें कंधों पर बैठाकर धरना स्थल पर लाया गया। रिहा होने वाले किसानों में पवन खटाना, सुखबीर खलीफा, सुनील फौजी, रूपेश वर्मा, विकाश जतन प्रधान, बॉबी नागर, अमन ठाकुर और सुभाष चौधरी आदि शामिल रहे।

दोपहर 12 बजे तक पहुंच चुके थे सैकड़ों किसान

यमुना एक्सप्रेस वे के जीरो पॉइंट पर संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में महापंचायत में सुबह 8 बजे से किसानों का पहुंचना शुरू हो गया। किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने तमाम गोल चक्कर पर बैरिकेडिंग की। डीसीपी से लेकर थाना प्रभारी तक पूरे दिन किसानों की गतिविधियों पर नजर बनाने के लिए इधर से उधर घूमते नजर आए।

दोपहर 12 बजे तक धरना स्थल पर सैकड़ो की संख्या में आगरा अलीगढ़, मुजफ्फरनगर, बागपत समेत कई जिलों से बड़ी संख्या में धरना स्थल पर पहुंच गए। आसपास एरिया के गांव से भी किसान ट्रैक्टर ट्राली और अपने वाहनों से धरना स्थल पर पहुंचे। इसके बाद नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर कई किलोमीटर तक वाहनों की लाइन लग गई।

मांगें पूरी न होने तक धरना जारी रखने का किया ऐलान

पंचायत में सभी के सामने अपने-अपने विचार रखे। इस दौरान किसानों ने कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होती तो वह दिल्ली कूच करेंगे। यह सुनकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के अधिकारी एक्टिव हो गए। वे किसानों को समझने में जुट गए। किसानों से कहा कि वह अपना धरना यहां ही जारी रख सकते हैं। इसके बाद किसानों ने कहा कि वह दलित प्रेरणा स्थल पर अपना धरना जारी रखेंगे।

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पुलिस अधिकारियों ने दलित प्रेरणा स्थल की जगह जीरो पॉइंट पर ही धरना जारी रखने का आग्रह किया। इसके बाद किसानों ने मीटिंग कर फैसला लेने की बात कही। यह मीटिंग देर शाम तक चलती रही। इस मौके पर पवन खटाना, सुखबीर खलीफा, सुनील फौजी, रूपेश वर्मा, विकास जतन, बॉबी नागर, अमन ठाकुर, सुभाष चौधरी समेत आदि किसान शामिल हुए।

गौरव टिकैत ने कहा- सरकार का रवैया तानाशाही

भारतीय किसान यूनियन के नेता गौरव टिकैत ने बुधवार को ग्रेटर नोएडा पहुंचकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा की सरकारें तानाशाही रवैया अपना रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों से किए गए वादे पूरे करने की बजाय सरकार उन्हें लाठीचार्ज और गिरफ्तारियों के जरिए दबाने का प्रयास कर रही है। गौरव टिकैत ने स्पष्ट किया कि किसान इन दबावों से डरने वाले नहीं हैं और उनका आंदोलन जारी रहेगा।

सरकार के लिए चेतावनी बन सकता है आंदोलन

किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आंदोलन और तेज होगा। सरकार और किसानों के बीच तनावपूर्ण माहौल ने ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को भी प्रभावित किया है।

मुजफ्फरनगर में किसानों की आपातकालीन पंचायत बुलाई थी

किसानों की गिरफ्तारी के विरोध में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भी मुजफ्फरनगर के सिसौली स्थित किसान भवन पर आपातकालीन पंचायत बुलाई थी। इस पंचायत को भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत समेत अन्य किसान नेताओं ने संबोधित किया। बैठक में तय किया गया कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश से किसान बुधवार को गौतमबुद्ध नगर में यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो पॉइंट पर जमा होंगे और इसके लिए मेरठ में काफिला सुबह नौ बजे पहुंच जाएगा।

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