रामपुर तिराहा कांड में महिला से सामूहिक दुष्कर्म में 29 वर्ष बाद दो सिपाही दोषी, इस दिन सुनाई जाएगी सजा

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रामपुर तिराहा कांड में 30 साल बाद शुक्रवार को कोर्ट ने आंदोलनकारी महिला से दुष्कर्म, छेड़छाड़ और लूटपाट के आरोपी पीएसी के रिटायर्ड दो जवानों को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने सजा के लिए 18 मार्च की तिथि नियत की है। कोर्ट ने सीबीआई से पूछा है कि पीड़िता को सरकार की तरफ से कोई मुआवजा मिला है या नहीं। इस संबंध में सीबीआई को रिपोर्ट प्रेषित करने के आदेश दिए हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट में दोनों आरोपी मौजूद रहे।

एक अक्टूबर 1994 की रात पृथक राज्य उत्तराखंड की मांग के लिए दिल्ली जा रहे आंदोलनकारियों को पुलिस ने रामपुर तिराहे पर रोक लिया था। टकराव होने पर पुलिस की तरफ से फायरिंग की गई थी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। जबकि आंदोलनकारी महिलाओं से छेड़छाड़ और दुष्कर्म के आरोप भी लगे थे। हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई की तरफ से सात मामले दर्ज कराए गए। डीजीसी राजीव शर्मा, एडीजीसी प्रविन्द्र सिह और सीबीआई के लोक अभियोजक धारा सिंह मीणा ने बताया कि एक पीड़िता से दुष्कर्म, छेड़छाड़ और लूट के मामले में सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नम्बर सात न्यायाधीश शक्ति सिंह की कोर्ट में चल रही थी। एक मार्च को कोर्ट में इस मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी थी। शुक्रवार को कोर्ट ने आरोपी 41 वीं वाहिनी पीएसी के रिटायर्ड जवान मिलाप सिंह निवासी गांव होर्ची थाना निधौली कलां जिला एटा और वीरेन्द्र प्रताप सिंह निवासी गांव गौरी, कोटिया गरोसे, थाना पथरा बाजार जिला सिद्धार्थनगर को दोषी करार दिया। न्यायाधीश शक्ति सिंह ने सजा के लिए 18 मार्च की तिथि नियत की है। वहीं पीड़िता को किसी तरह का कोई मुआवजा मिला है इस संबंध में रिपोर्ट प्रेषित करने के आदेश दिए है। कोर्ट के आदेश पर दोनों आरोपियों को कस्टडी में ले लिया गया था।

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इन धाराओं में की गई थी रिपोर्ट दर्ज

एडीजीसी ने बताया कि रिटायर्ड पीएसी के जवानों पर आईपीसी की धारा 376 जी, 323, 354, 392, 509 व 120 बी में सीबीआई ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। सरकार बनाम मिलाप सिंह मामले में कोर्ट ने सुनवाई करते हुए आरोपी मिलाप सिंह व वीरेन्द्र प्रताप सिंह को आईपीसी की धारा 354, 376 (2जी), 509 व 392 में दोषी माना है।

ये था आरोप

पीड़िता ने बताया कि एक और दो अक्टूबर 1994 की रात लगभग एक बजे रामपुर तिराहे पर उनकी बस को रोक लिया गया। पुलिसकर्मियों ने बस के शीशे, हेडलाइट तोड़ दी और गालियां देनी शुरू कर दी। आरोपी पीएसी के जवानों ने उसके कपड़े फाड़ दिए और सोने की चैन, एक हजार रुपये लूट लिए। उसके बाद आरोपियों ने उसके साथ छेड़छाड़ करते हुए बस में ही दुष्कर्म किया था, जिसके बाद मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।

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