संचार नाउ। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की ओर से अलीगढ़ और मथुरा में बुनियादी ढांचे और शहरी विकास का रास्ता साफ हो गया है। यमुना सिटी के विस्तार के साथ ही दोनों ही जिलों को पर्यटन और मनोरंजन के प्रमुख केंद्र के रुप में विकसित किया जाएगा। यमुना प्राधिकरण के मास्टर प्लान-2031 चरण-2 को प्रदेश सरकार ने मंजूरी दे दी है। इससे मथुरा, आगरा, अलीगढ़ और हाथरस में प्राधिकरण को औद्योगिक, आवासीय और वाणिज्यिक परियोजनाओं की योजना बनाने की अनुमति मिल जाएगी। प्राधिकरण ने अपने मास्टर प्लान में हेरीटेज सिटी के अलावा यमुना नदी के किनारे 29 किलोमीटर तक रिवर फ्रंट विकसित करने की भी योजना बनाई है।
दरअसल, यमुना प्राधिकरण ने अलीगढ़, आगरा, मथुरा और हाथरस के विकास को समाहित करने के लिए मास्टर प्लान-2031 फेज-2 पहली बार 2012-2013 में प्रस्तावित किया गया था, लेकिन 13 साल तक फाइलों में ही दबा रहा। इस मास्टर प्लान की मंजूरी में देरी के कारण राज्य सरकार ने 2017 में दो प्रमुख शहरी नोड्स- टप्पल-बाजना और राया शहरी केंद्रों को मंजूरी दी, जिसने इन क्षेत्रों के विकास की शुरुआत की। राया शहरी केंद्र हेरिटेज सिटी परियोजना पर केंद्रित है, जबकि अलीगढ़ में टप्पल-बाजना शहरी केंद्र को लॉजिस्टिक्स हब के रुप में विकसित किया जाना है।