चेन्नई: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फिल्म प्रोड्यूसर गोकुलम गोपालन के आवास और कार्यालय परिसर का सर्च ऑपरेशन पूरा कर लिया है. इस ऑपरेशन के दौरान ईडी ने 1.5 करोड़ रुपये नकद और ‘अपराध सिद्ध करने वाले दस्तावेज’ जब्त किए है. यह सर्च ऑपरेशन फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (फेमा), 1999 के उल्लंघन की चल रही जांच का हिस्सा था.
एजेंसी सूत्रों के अनुसार, ईडी ने 1.5 करोड़ रुपये नकद और वित्तीय लेनदेन से संबंधित कई डॉक्यूमेंट्स जब्त किए हैं. इन डॉक्यूमेंट्स की आने वाले दिनों में जांच की जाएगी. जांच के दौरान जो भी निष्कर्षों निकलेगा, उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी. ईडी की कोच्चि यूनिट ने अपने चेन्नई काउंटरपार्ट के सहयोग से इस ऑपरेशन का नेतृत्व किया.
चल रही जांच ‘एम्पुरान’ के प्रोडक्शन से जुड़ी हुई है. यह फिल्म राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), खुफिया ब्यूरो (आईबी) और ईडी जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों के पोट्रियल को लेकर दक्षिणपंथी समूहों की तीखी आलोचना का शिकार हुई है. जांच का केंद्र फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (फेमा), के 1,000 करोड़ रुपये के उल्लंघन से जुड़ा है. इसमें कुछ एनआरआई के साथ संदिग्ध लेन-देन और अनधिकृत वित्तीय गतिविधियां शामिल हैं.
फेमा उल्लंघनों के अलावा, एजेंसी गोकुलम की कंपनी के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत संभावित उल्लंघनों के लिए धोखाधड़ी की कई शिकायतों की भी जांच कर रही है. गोकुलम गोपालन, जो चिटफंड, फाइनेंस, फिल्म प्रोडक्शन और खेल में रुचि रखने वाले गोकुलम ग्रुप को लीड करते हैं, 2023 से ईडी की जांच के दायरे में हैं. उनसे पहले ही कई दौर की पूछताछ हो चुकी है.
ईडी की कार्रवाई पर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. हंगामे के बीच, फिल्म मेकर्स ने स्वेच्छा से केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से फिल्म को फिर से एडिट करने के लिए संपर्क किया. फिल्म के लीड एक्टर मोहनलाल ने भी फेसबुक पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी.
मोहनलाल ने लिखा, ‘मैं समझता हूं कि एम्पुरान में कुछ सामाजिक-राजनीतिक विषयों ने दर्शकों को मानसिक रूप से परेशान किया है. एक कलाकार होने के खातिर मेरी यह जिम्मेदारी है कि मैं यह सुनिश्चित करूं कि मेरी कोई भी फिल्म किसी राजनीतिक, वैचारिक या धार्मिक समूह के खिलाफ नफरत को बढ़ावा न दे. हम, एम्पुरान टीम, इस परेशानी के लिए ईमानदारी से खेद व्यक्त करते हैं. हमने आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने का फैसला किया है.’ री-एडिट और माफीनामा के बावजूद, दक्षिणपंथी सर्कल की आलोचना कम नहीं हुई है.
जैसे-जैसे ईडी अपनी जांच तेज कर रही है वैसे-वैसे एम्पुरान एक बढ़ते राजनीतिक और कानूनी विवाद में फंसती जा रही है, जो भारतीय सिनेमा, राजनीति और कानून प्रवर्तन के बीच बढ़ते हुए तनावपूर्ण अंतर्संबंध को उजागर करती है.