बद्दो 23 जून से 3 दिन की पुलिस रिमांड में होगा, पुलिस निकालेगी कई सवालों के जवाब

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गाजियाबाद। ऑनलाइन गेमिंग के जरिए किशोरों का ब्रेनवॉश कर मतांतरण कराने के आरोपित शाहनवाज मकसूद खान उर्फ बद्दाे को अदालत ने बृहस्पतिवार को तीन दिन के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड (पीसीआर) पर देने की अनुमति दे दी है। शुक्रवार सुबह 11 बजे से सोमवार सुबह 11 बजे तक वह पुलिस कस्टडी रिमांड पर रहेगा। इस दौरान पुलिस उससे मतांतरण के राज उगलवाएगी।

शाहनवाज मकसूद खान उर्फ बद्दो को सात दिन के लिए पीसीआर पर लेने के लिए पुलिस ने कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। अभियाेजन अधिकारी अमरदीप सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को सुनवाई के लिए बद्दो को जिला कारागार से कोर्ट में तलब किया गया।

जानिए कोर्ट में क्या-क्या हुआ

दोपहर दो बजे वह कोर्ट में पहुंचा, दोपहर ढाई बजे अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या- दो शुभम वर्मा की अदालत में पुलिस की ओर से दाखिल पीसीआर की अर्जी पर सुनवाई शुरू की गई। बचाव पक्ष की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने मौखिक आपत्ति करते हुए कहा गया कि अभियुक्त को झूठा फंसाया गया है।

उन्होंने प्रार्थना पत्र निरस्त करने की याचना की और पीसीआर स्वीकृत करने की दशा में रिमांड अवधि के दौरान बद्दो के अधिवक्ता को भी उसके साथ रहने देने की मांग की। अभियोजन अधिकारी अमरदीप सिंह ने अदालत को बताया कि अभियुक्त ने धारा – 161 के बयान में अपराध को स्वीकार करते हुए कहा है कि वह अपनी मेल व इंस्टाग्राम आईडी पर देखकर ही बता सकता है कि उसने किससे क्या बात की है व कौन-सी आईडी किस व्यक्ति की है।

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अभियोजन अधिकारी ने बद्दो के मोबाइल से प्राप्त डाटा के संबंध में लैपटाप पर दिखाकर उससे चैट के बारे में विस्तृत जानकारी करने और मुकदमे के पीड़ित किशोर के आमने-सामने बैठाकर घटना के तथ्यों के बारे में जानकारी के लिए उसको पीसीआर पर देने की मांग अदालत से की।

अदालत ने दोनों पक्ष को सुनने व दस्तावेजों के अवलोकन के बाद अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा रिमांड से पुलिस कस्टडी रिमांड में देना न्यायोचित माना। अदालत ने आदेश दिया कि 23 जून की सुबह 11 बजे से 26 जून की सुबह 11 बजे तक बद्दो पीसीआर पर रहेगा। उसको पीसीआर पर लेने से पहले व जेल में दाखिल करने से पहले मेडिकल कराना होगा।

अभियुक्त को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित नही किया जाएगा। अभियुक्त के साथ उसके अधिवक्ता जा सकते हैं, वह उससे उचित दूरी पर रहेंगे और पुलिस कार्यवाही में बाधा उत्पन्न नही करेंगे। पीसीआर की कार्यवाही की वीडियोग्राफी कराने के साथ ही उसकी सीडी न्यायालय में पेश की जाएगी।

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