आम्रपाली हार्टबीट सिटी के बायर्स के साथ धोखा, सोसायटी में मूलभत सुविधाओं का टोटा; जानें क्या हैं समस्याएं?

Sanchar Now
7 Min Read

नोएडा के सेक्टर 107 में बन रही आम्रपाली हार्टबीट सिटी में फ्लैट बुक करने वालों के लिए कई महीनों या कहें कि सालों बाद भी अपने आशियाने का इंतजार जस का तस बना हुआ है. लोग परेशान हैं और अपने फ्लैट की चाबियों की डिमांड कर रहे हैं लेकिन उन्हें किसी भी जिम्मेदार की तरफ से कोई जवाब नहीं मिल रहा है. सोसायटी में फ्लैट खरीदने वालों को यह लेटलतीफी अब भारी परेशानी का सबब बनता जा रहा है.

फ्लैट खरीदने वालों ने बताया है कि ये प्रोजेक्ट 2011-12 में शुरू हुआ था जिसके बाद आम्रपाली बिल्डर्स के इश्यू के चलते इसे रोक दिया गया था. बाद में सुप्रीम कोर्ट की दखल के बाद इस प्रोजेक्ट को NBCC (नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन) को सौंपा गया था. इसके बाद इस सोसायटी का काम NBCC ने आगे बढ़ाया. यहां पर कुल दो फेज का निर्माण किया जाना है जिसमें फेज वन और टू में कुल 1900 फ्लैट्स बनाए जाने हैं.

इन फ्लैट्स में सैकड़ों लोगों ने अपने सपने के घर की चाह में लाखों रूपये लगा दिए. लेकिन अब तक उन्हें पजेशन नहीं मिला. फ्लैट खरीददार प्रतीक कुमार सिंह का कहना है कि जिन एजेंसियों के जरिए उन्होंने इस सोसायटी में फ्लैट्स बुक किए थे उन्होंने 6 महीने के अंदर पजेशन होने का दावा किया था. लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी यह सोसायटी रहने लायक नहीं है. बार-बार खरीददारों के दबाव बनाने के बाद NBCC ने करीब 38 लोगों को उनके फ्लैट्स की चाबियां दे दी हैं लेकिन वह भी अपने फ्लैट्स में रहने नहीं जा पा रहे हैं. बिल्डिंग में न तो लिफ्ट्स लगी हैं न ही पानी की सप्लाई और न ही कोई और बेसिक सुविधाएं. ऐसे में खरीददारों को यह समझ नहीं आ रहा कि वह जाएं तो कहां जाएं?

पढ़ें  'ऐसा लगा जैसे चूना खा लिया हो', ग्रेटर नोएडा में मंदिर का प्रसाद खाने से क्यों बिगड़ी 7 लोगों की हालत?

सैकड़ों फ्लैट्स पेंडिंग, सिर्फ 60 मजदूर काम पर

इन्हीं सब परेशानियों को लेकर शनिवार को फ्लैट्स खरीददारों ने एकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन किया. जिसके बाद उन्हें एक बार फिर से NBCC की ओर से आश्वासन दिया गया है. फ्लैट खरीददार संजीव गुप्ता की मानें तो फेज वन में सैकड़ों टावर बनने हैं जिसमें फिलहाल सिर्फ 60 मजदूर काम कर रहे हैं. उनकी चिंता है कि आखिर ऐसे में उनके फ्लैट्स कब तक तैयार हो पाएंगे इसके लिए जिम्मेदारों की तरफ कोई डेट भी नहीं दी जा रही है. जब भी जिम्मेदारों से पूछा जाता है तो वह गोल-मोल जवाब दे देते हैं. ऐसे में अपने सपनों के घर का इंतजार करने वालों का सब्र का बांध अब टूटता हुआ दिखाई दे रहा है.

AOA की हो रही मनमानी

इतना ही नहीं खरीददारों ने सोसायटी में बनी अस्थाई AOA यानी अपार्टमेंट ऑनर्स असोसिएशन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. इसके प्रेसिडेंट कपिल त्यागी के बारे में लोगों का कहना है ही वह सभी फैसले बिना फ्लैट ऑनर्स की सलाह के लेते हैं और सभी पर फैसले थोपे जाते हैं. एओए, कॉमन एरिया मेंटेनेंस के नाम पर 3.95 रुपये प्रति वर्ग फीट वसूला जा रहा है. यह राशि बिना फ्लैट ऑनर्स के मीटिंग के तय की गई है और इसमें किसी भी तरह की पारदर्शिता भी नहीं है. साथ ही फ्लैट ऑनर्स पर सिंगल पॉइंट बिजली कनेक्शन भी थोपा जा रहा है जिसकी वजह से उनकी हर महीने की लागत और बढ़ जाएगी.

NBCC के जीएम क्या बोले?

सोसायटी में फ्लैट ऑनर्स जब विरोध प्रदर्शन कर रहे थे उस दौरान NBCC के महाप्रबंधक आदित्य पालीवाल ने लोगों को बताया कि शीघ्र ही एक संरचनात्मक ऑडिट किया जाएगा. नए खरीदारों के लिए ब्याज माफी पर भी चर्चा जारी है. उन्होंने यह भी कहा कि NBCC का उद्देश्य बेहतर निर्माण गुणवत्ता के साथ फ्लैट्स का हैंडओवर करना है. हालांकि जब उनसे पूछा गया कि फेज 1 में केवल 60 ही मजदूर क्यों कार्यरत हैं तो उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया. साथ ही यह भी पता चला कि मूल ठेकेदार को NBCC द्वारा ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है.

पढ़ें  दिल्ली एयरपोर्ट पर स्क्रैप माफिया रवि काना और उसकी गर्लफ्रेंड गिरफ्तार, थाईलैंड ने किया डिपोर्ट

क्या-क्या परेशानियां?

  • फेज वन के निर्माण में सिर्फ 60 मजदूरों को लगाया गया है, जिससे पहले दिए गए आश्वासन झूठे साबित होते हैं. एशियन कंपनी के वर्कर काम तो कर रहे है लेकिन इतने कम वर्करों में आखिर कैसे और कब तक पूरा काम हो पाएगा?
  • कंस्ट्रक्शन की क्वालिटी पर भी फ्लैट्स के खरीददारों ने गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने बताया कि लीकेज, दीवारों में क्रैक्स, स्ट्रक्चल चेंजेस कंस्ट्रक्शन की क्वालिटी पर सवालियां निशान लगा रहे हैं.
  • एनबीसीसी के दावों के बावजूद कई फ्लैट ऑनर्स को अभी भी अपने फ्लैट के पजेशन मिलने का इंतजार है. हद तो ये है कि उन्हें कोई डेट भी नहीं दी जा रही है.
  • बिल्डिंग में लिफ्ट का काम एनबीसीसी ने प्राइवेट कंपनी को सौंपा है, इसके बावजूद अभी तक किसी भी टावर में लिफ्ट नहीं लगी है जिससे लोगों का रहना यहां पर संभव ही नहीं हो पा रहा है.
  • दस साल से ज्यादा की देरी का सामना कर रहे खरीदार अब भी मुआवजे या ब्याज माफी के समाधान का इंतज़ार कर रहे हैं. इस मुद्दे को लेकर अस्थायी एओए ने अब तक कोई प्रयास नहीं किया.फ्लैट खरीददारों ने रखी ये मांगे
    • अस्थायी एओए के लिए गए सभी फैसलों में तत्काल पारदर्शिता लाई जाए.
    • NBCC द्वारा स्पष्ट और टाइम बाउंड कंप्लीशन प्लान बनाया जाए.
    • बिल्डिंग मे किए गए निर्माण कार्यों का इंडिपेंडेंट ऑडिट किया जाए.
    • खरीदारों के लिए ब्याज माफी के माध्यम से राहत देने का प्लान बनाया जाए.
Share This Article
Follow:
Sanchar Now is Digital Media Platform through which we are publishing international, national, states and local news mainly from Western Uttar Pradesh including Delhi NCR through Facebook, YouTube, Instagram, Twitter and our portal www.sancharnow.com
Leave a Comment