कैबिनेट फैसला: यूपी के इन जमीन मालिकों को बड़ी राहत, योगी सरकार ने दे दी ये सुविधा

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उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा योजना के अंतर्गत एक्सचेंज यानी विनिमय के आधार पर भूमि प्राप्त करने वाले भूखंड स्वामियों को बड़ी राहत दी है। अब ऐसे भूखंडों पर भवन निर्माण के लिए नक्शा पास कराने हेतु न्यायालय का सहारा लेने की आवश्यकता नहीं होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

नई नियमावली को कैबिनेट की मंजूरी

कैबिनेट द्वारा नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (विनियम के माध्यम से हस्तांतरित भूमि पर भवन निर्माण) नियमावली 2025 को मंजूरी दी गई है। इस नियमावली के लागू होने के बाद विनिमय के माध्यम से प्राप्त निजी स्वामित्व की भूमि पर भवन मानचित्र की स्वीकृति सीधे नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा की जाएगी।

भूस्वामियों को कोर्ट से मिलेगी राहत

औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने बताया कि अब तक नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण भवन विनियमावली-2010 के अंतर्गत केवल लीज डीड के माध्यम से आवंटित भूमि पर ही नक्शा स्वीकृत हो पाता था। विनिमय के माध्यम से प्राप्त निजी भूमि के मामलों में मानचित्र स्वीकृति को लेकर व्यावहारिक कठिनाइयां आ रही थीं, जिससे भूस्वामियों को न्यायालय का रुख करना पड़ता था। नई नियमावली से इस समस्या का समाधान होगा और आवेदनों का निस्तारण सुगमता से किया जा सकेगा।

कामकाजी महिलाओं के लिए आठ नए हॉस्टल बनाने का निर्णय

कैबिनेट बैठक में कामकाजी महिलाओं को राहत देने वाला एक और अहम फैसला लिया गया। महिला कल्याण विभाग द्वारा लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में आठ कामकाजी महिला हॉस्टल बनाए जाएंगे। इसके लिए संबंधित विकास प्राधिकरणों द्वारा महिला कल्याण विभाग को एक रुपये प्रति वर्ष के नाममात्र लीज रेंट पर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।

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बढ़ती जरूरतों को देखते हुए लिया गया निर्णय

निजी, सरकारी और औद्योगिक क्षेत्रों में कामकाजी महिलाओं की लगातार बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए इन हॉस्टलों के निर्माण का निर्णय लिया गया है। इससे सुरक्षित और किफायती आवास की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी और महिलाओं को कार्यस्थल के पास रहने में सहूलियत मिलेगी।

गाजियाबाद में एफएआर शुल्क में भी छूट

गाजियाबाद के सूर्यनगर क्षेत्र में बनने वाले कामकाजी महिला छात्रावास के लिए उप्र विकास प्राधिकरणों हेतु मॉडल भवन निर्माण एवं विकास उपविधि और मॉडल जोनिंग रेग्युलेशन 2025 के अंतर्गत अधिकतम क्रय योग्य एफएआर-3 पर लगाए जाने वाले शुल्क में भी छूट दी जाएगी। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब इन सभी हॉस्टलों का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।

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