Yogi Adityanath ने रविवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान जब कुछ फरियादी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत लेकर पहुंचे तो मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को दबंगों और भू-माफियाओं के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता और पारदर्शिता के साथ किया जाए, ताकि लोगों को न्याय मिल सके।
150 से अधिक शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश
जनता दर्शन में करीब 150 लोगों ने अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण का निस्तारण तय समयसीमा में और संतोषजनक ढंग से किया जाए। जमीन विवादों के मामलों में उन्होंने आवश्यक होने पर पैमाइश कराने और निष्पक्ष जांच के बाद कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। पारिवारिक विवादों के मामलों में संवाद और समझाइश के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया, ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे।
इलाज के लिए आर्थिक मदद: सरकार उठाएगी खर्च
चिकित्सा सहायता की गुहार लेकर पहुंचे जरूरतमंदों को मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि आर्थिक अभाव इलाज में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित अस्पतालों से उपचार का विस्तृत एस्टीमेट तैयार कराकर शीघ्र शासन को भेजा जाए। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही पात्र व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनवाने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी दिए, ताकि अधिक से अधिक लोग स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ उठा सकें।
बच्चों पर स्नेह की वर्षा और अन्नप्राशन संस्कार
रविवार सुबह मंदिर परिसर के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री की नजर परिवारों के साथ आए छोटे बच्चों पर पड़ी। उन्होंने बच्चों को पास बुलाकर स्नेहपूर्वक बातचीत की, उनका नाम और पढ़ाई के बारे में पूछा तथा उन्हें मन लगाकर अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने हाथों से चॉकलेट वितरित की। इस अवसर पर उन्होंने एक नन्हे शिशु को गोद में लेकर अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया, जिससे वहां उपस्थित लोगों का मन भावुक हो उठा।
गोसेवा के प्रति समर्पण: ‘ओ भोलू’ की पुकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहचान एक समर्पित गोसेवक के रूप में भी रही है। गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान गोशाला जाना उनकी दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। रविवार को भी उन्होंने गोशाला में पहुंचकर गायों और गोवंश को अपने हाथों से रोटी और गुड़ खिलाया। इसी दौरान उन्होंने एक बछड़े को स्नेहपूर्वक ‘भोलू’ कहकर पुकारा तो वह तुरंत उनकी ओर दौड़ पड़ा। मुख्यमंत्री ने उसे दुलारते हुए अपने हाथों से भोजन कराया। मंदिर परिसर में मौजूद एक मोर को भी उन्होंने स्नेह से दाना खिलाया। यह दृश्य वहां उपस्थित लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।

