संचार नाउ। IIT-JEE और NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाली प्रतिष्ठित शिक्षण संस्था ध्रुव क्लासेज़ द्वारा शिक्षा को अकादमिक उत्कृष्टता के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी से जोड़ने के उद्देश्य से एक शैक्षणिक–पर्यावरणीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जेपी पब्लिक स्कूल, ग्रेटर नोएडा में संपन्न हुआ, जिसमें देशभर से आए 100 से अधिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षाविद और विषय विशेषज्ञ शामिल हुए।
इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने कहा कि यदि पर्यावरण संरक्षण की सोच को प्रारंभिक शिक्षा से ही जोड़ा जाए, तो आने वाली पीढ़ी अधिक जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा, उद्योग और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाना समय की बड़ी आवश्यकता है और इसी के माध्यम से देश को दीर्घकालिक विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है।

विशिष्ट अतिथि डॉ. आर. के. भारती ने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा और डिग्री तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करना भी इसका मूल उद्देश्य है। वहीं आईएएस शैलेंद्र कुमार भाटिया ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी नीति की सफलता समाज और शैक्षणिक संस्थानों की सहभागिता पर निर्भर करती है तथा पर्यावरण संरक्षण में छात्रों की भूमिका स्थायी समाधान प्रस्तुत कर सकती है।
कार्यक्रम में Lohum के वाइस प्रेसिडेंट चेतन जैन ने बैटरी रीसाइक्लिंग, सस्टेनेबिलिटी और स्वच्छ ऊर्जा पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि तकनीक और जन-जागरूकता के माध्यम से पर्यावरणीय चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। Affinity Sky के प्रतिनिधियों ने नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षा–उद्योग सहयोग, प्रोजेक्ट आधारित लर्निंग और वैश्विक अवसरों पर प्रकाश डाला।

ध्रुव क्लासेज़ के निदेशक ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल IIT या NEET में चयन कराना नहीं, बल्कि ऐसे नागरिक तैयार करना है जो समाज और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें। वही जेपी पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या मीता भांडुला ने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यालयों को शिक्षा की नई दिशा प्रदान करते हैं और विद्यार्थियों को राष्ट्रनिर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम के अंत में भविष्य में भी इस प्रकार के शैक्षणिक और पर्यावरणीय आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया गया।

