संचार न्यूज़। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदले जाने की कथित साजिश और केंद्र सरकार की गांधी विरोधी सोच के खिलाफ जिला कांग्रेस कमेटी गौतम बुद्ध नगर ने सोमवार को सूरजपुर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ तीखी नारेबाजी करते हुए मनरेगा को गरीबों का हक बताया और इसके नाम में किसी भी प्रकार के बदलाव को अस्वीकार्य करार दिया।
दरअसल, प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने कहा कि भाजपा सरकार महात्मा गांधी के नाम और विचारों से डरती है, इसलिए योजनाओं के नाम बदलकर इतिहास को मिटाने और तोड़-मरोड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा करोड़ों गरीब मजदूरों के लिए जीवनरेखा है और इसका नाम बदलना केवल शब्दों का बदलाव नहीं, बल्कि गरीबों के अधिकारों पर सीधा हमला और संविधान विरोधी मानसिकता का प्रमाण है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पहले रोजगार खत्म करती है और फिर रोजगार की गारंटी देने वाली योजना का नाम बदलकर अपनी नाकामी छिपाना चाहती है। यह लड़ाई केवल नाम की नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और गांधीवादी मूल्यों को बचाने की लड़ाई है।

दीपक भाटी चोटीवाला ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलने का फैसला वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस पार्टी गांव-गांव और ब्लॉक-ब्लॉक तक उग्र जन आंदोलन छेड़ेगी और भाजपा की जनविरोधी नीतियों को जनता के सामने उजागर करेगी। प्रदर्शन के बाद उपजिलाधिकारी अनुराग सारस्वत के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें मनरेगा का नाम यथावत रखने और गरीब विरोधी फैसले तुरंत वापस लेने की मांग की गई।
प्रदर्शन में मुकेश शर्मा, गौतम अवाना, रिजवान चौधरी, सूबेदार सतपाल सिंह, महाराज सिंह नागर, अशोक पंडित, सतीश शर्मा, धर्मवीर सिंह, मोहम्मद तकी, शिव चौटाला, पुनीत मावी, अरविन्द रेक्सवाल, गुलाब सिंह, तनवीर अहमद, हबीब मास्टर, रमेश वाल्मीकि, मोहित भाटी एडवोकेट, रमा नैय्यर, गजन प्रधान, नरेश शर्मा, बिन्नू भाटी, सुबोध भट्ट, नीरज शर्मा, अमित कुमार, आलोक शर्मा, रमेश जीनवाल, नदीम प्रधान, सचिन भाटी, पियूष जाटव, सन्नी सिंह, हैप्पी भाटी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

