नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत ग्रेटर नोएडा की नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने गांजा तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 102 किलो अवैध गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 25 लाख रुपये आंकी गई है.
एडिशनल डीसीपी सुधीर कुमार ने बताया कि नॉलेज पार्क पुलिस एक्सपो मार्ट के पास संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान एक पीली प्लेट वाली ‘एक्सेंट’ टैक्सी गाड़ी को रुकने का इशारा किया गया. पुलिस को देख गाड़ी में सवार लोग घबरा गए. जब गहन तलाशी ली गई, तो गाड़ी के भीतर से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ. पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान रिंकू यादव (नोएडा), अभिषेक कुमार (नोएडा) और संदीप साहू (गाजियाबाद) के रूप में हुई है.
ओडिशा से लाते थे खेप, यूनिवर्सिटी में थी बड़ी डिमांड
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह ओडिशा से सस्ते दामों पर गांजा लाकर दिल्ली-एनसीआर में ऊंची कीमतों पर बेचता था. तस्करों का मुख्य निशाना नोएडा और ग्रेटर नोएडा की नामी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के छात्र थे. ये लोग किराए के ट्रक में गांजा भरकर लाते थे और उसे एनसीआर में अलग-अलग जगहों पर किराए के कमरे लेकर छिपा देते थे.
तस्करी का नया तरीका: टैक्सी का इस्तेमाल
पकड़े गए तस्कर बेहद शातिर हैं. ओडिशा से माल लाने के बाद, ये लोग दिन के समय किराए की टैक्सी (कमर्शियल गाड़ी) बुक करते थे ताकि पुलिस को शक न हो. उसी टैक्सी के जरिए ये लोग शिक्षण संस्थानों और अन्य चिन्हित ठिकानों पर गांजे की डिलीवरी करते थे. पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही टैक्सी को भी जब्त कर लिया है.
पुलिस की अगली कार्रवाई
पुलिस अब इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और उनके खरीदारों की तलाश कर रही है. पकड़े गए तीनों आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास को भी खंगाला जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि शिक्षण संस्थानों के आसपास नशा बेचने वालों के खिलाफ यह अभियान और तेज किया जाएगा

