हरीश रावत ने देहरादून में दी काफल पार्टी, बीजेपी को जमकर घेरा, कसा शराब वाला तंज

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देहरादून। जेठ की तन झुलसाने वाली तपिश के बीच रविवार को राजधानी देहरादून में पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत की काफल पार्टी में काफल के रसीले फलों की मिठास तो घुली ही, रावत ने एक तीर से कई निशाने भी साधे।

उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए भारतीय सेना के शौर्य व पराक्रम को सैल्यूट करने के साथ ही 22 पूर्व सैनिकों को सम्मानित भी किया। साथ ही पहाड़ से निरंतर हो रहे पलायन की पीड़ा को उकेरा तो स्थानीय उत्पादों की उपेक्षा को लेकर तंज भी कसा।

वह बोले, ‘वोकल फार लोकल, उनके लिए नारा है, जबकि हमारे लिए मिशन। राजनीतिक गलियारों में उनके वक्तव्य को सीधे तौर पर भाजपा को निशाने पर लेने से जोड़कर देखा जा रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत राजनीति की बिसात पर अपनी दावतों से अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। उनकी पार्टियों में ककड़ी, आम, जामुन, माल्टा समेत अन्य स्थानीय उत्पाद मुख्यतया शामिल होते हैं।

इसी कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने रविवार को देहरादून में हरिद्वार बाइपास स्थित नीरजा ग्रीन्स में काफल पार्टी दी। काफल उत्तराखंड के जंगलों में पाया जाने वाला बेहद रसीला फल है। पार्टी में काफल के फल अल्मोड़ा के सल्ट क्षेत्र से मंगाए गए थे।

इस अवसर पर रावत ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उन्होंने यह काफल पार्टी आयोजित की। उन्होंने कहा कि मोटे अनाज के गीत गाए जा रहे हैं, लेकिन मंडुवा, झंगोरा नेपाल से खरीदा जा रहा है। नदी-घाटियों में अंधाधुंध ढंग से बड़े भवन व होटलों का निर्माण चिंता बढ़ा रहा है।

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पलायन पर उन्होंने कहा कि निर्जन गांव, बाखली की चर्चा कर वह किसी के मुंह का स्वाद नहीं बिगाड़ना चाहते, लेकिन अगले पांच-दस साल पहाड़ के गांवों में जंगली जानवर नृत्य करते रहे तो उत्तराखंडी संस्कृति पुस्तकों में ढूंढनी पड़ेगी।

रावत ने पहाड़ की परंपराओं व संस्कृति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि धूलिअर्ग, गोट की शादी की रस्मों व पद्म शाखाओं के चारों तरफ लिए जाने वाले सात फेरे कब तक टिक पाएंगे, उन्हें संदेह है।

वैसे भी लिव इन रिलेशनशिप को कानूनी मान्यता देकर राज्य सरकार ने संस्कार आधारित विवाह प्रणाली के लिए चुनौती पैदा कर दी है। काफल पार्टी में विधायक प्रीतम सिंह, पूर्व विधायक शूरवीर सिंह सजवाण, मनोज रावत व हीरा सिंह बिष्ट, ब्रह्म्स्वरूप ब्रह्मचारी समेत अन्य कांग्रेस नेता उपस्थित रहे।

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