बुधवार का यह दिन भगवान गणेश की पूजा करने और अपनी बुद्धि का सही इस्तेमाल करने के लिए बहुत अच्छा है। बुध देव की कृपा से पढ़ाई, व्यापार और बातचीत की कला में सुधार होता है। आज आप अपनी समझदारी से अपने कामों को बहुत अच्छे तरीके से पूरा कर पाएंगे।
महत्वपूर्ण विवरण
तिथि: कृष्ण तृतीया – रात्रि 12:09 बजे तक (05 फरवरी)
योग: अतिगण्ड – रात्रि 01:05 बजे तक (05 फरवरी)
करण: वणिज – दोपहर 12:19 बजे तक
करण: विष्टि – रात्रि 12:09 बजे तक (05 फरवरी)
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 07:08 बजे
सूर्यास्त का समय: सायं 06:03 बजे
चंद्रोदय का समय: सायं 08:37 बजे
चंद्रास्त का समय: प्रातः 08:36 बजे
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: मकर राशि में स्थित हैं।
चन्द्र देव: सिंह राशि में प्रातः 04:20 बजे तक।
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: कोई नहीं
अमृत काल: दोपहर 03:48 बजे से सायं 05:24 बजे तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 12:35 बजे से दोपहर 01:57 बजे तक
गुलिकाल: प्रातः 11:13 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक
यमगण्ड: प्रातः 08:30 बजे से प्रातः 09:51 बजे तक
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र: रात्रि 10:12 बजे तक
सामान्य विशेषताएं: विनम्रता, मेहनती स्वभाव, बुद्धिमत्ता, मददगार, उदार, ईमानदारी, बुद्धिमान, अध्ययनशील और परिश्रमी
नक्षत्र स्वामी: सूर्य देव
राशि स्वामी: सूर्य देव, बुध देव
देवता: आर्यमन (मित्रता के देवता)
गुण: राजस
प्रतीक: बिस्तर
आज क्या करें
बुधवार होने के कारण भगवान गणेश को दुर्वा अर्पित करें।
कार्यों के बेहतर संचालन के लिए अपनी वाणी में मधुरता रखें।
कला, संगीत और सौंदर्य प्रसाधन से जुड़े कार्यों के लिए दिन शुभ है।
निवेश या पिता की संपत्ति से जुड़े मामलों पर विचार करने के लिए समय अनुकूल है।
यदि कोई नया व्यापार शुरू करना है, तो अमृत काल का उपयोग करना लाभदायक रहेगा है।
आज क्या न करें
राहुकाल की समय सीमा में कोई भी बड़ा धन निवेश या नए समझौते करने से बचें।
विष्टि करण यानी भद्रा का समय होने के कारण मांगलिक कार्यों का आरंभ न करें।
आज आलस्य को अपने ऊपर हावी न होने दें, अन्यथा हाथ आए अवसर निकल सकते हैं।

