लखनऊ में सीएम योगी बोले- इतिहास से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ाना होगा, समाज को तोड़ने वाले तत्व हमेशा मौजूद रहते हैं

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नई दिल्ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए इतिहास के गौरवशाली क्षणों से प्रेरणा लेना आवश्यक है। इतिहास की गलतियों का समय पर परिमार्जन होना चाहिए, तभी समाज प्रगति करता है।

यदि कहीं त्रुटि हुई है तो उसे सुधार करना होगा और अच्छे कार्यों को जीवन की प्रेरणा बनाकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी परंपराओं को पर्व-त्योहारों के माध्यम से संजोकर रखा है।

देश में राजनीति अपना काम करती रही, लेकिन राजे रजवाड़ों और समाज के नेतृत्वकर्ताओं ने कभी हस्तक्षेप नहीं किया, बल्कि संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में योगदान दिया। मुख्यमंत्री योगी ने मंगलवार को कॉल्विन तालुकेदार्स कॉलेज में आयोजित 134वीं वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के समापन अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री योगी ने की मार्च पास्ट की तारीफ

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मार्च पास्ट के दौरान विद्यार्थियों का अनुशासन, कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने का जज्बा और समर्पण देखकर ऐसा प्रतीत हुआ मानो नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आह्वान पर आजाद हिंद फौज के नौजवान देश की आजादी के लिए स्वयं को समर्पित कर रहे हों।

उन्होंने कहा कि यह प्रयास सराहनीय है और इससे विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और आत्मविश्वास का विकास होता है। उन्होंने कहा कि मैं इस अवसर पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करूंगा इस संस्था के पूर्व अध्यक्ष कुंवर आनंद सिंह को, जिनके साथ मैंने कई बार इस संस्था के उन्नयन के बारे में चर्चा की। आज वे भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं है, मैं उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

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समाज को जोड़ने में शिक्षा संस्थानों की भूमिका

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज को तोड़ने वाले तत्व हमेशा मौजूद रहते हैं, लेकिन समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी शिक्षण संस्थानों की होती है। वर्ष 1889 में जब इस संस्थान की स्थापना हुई होगी, तब देश की परिस्थितियां कठिन रही होंगी।

उसी कालखंड में वंदे मातरम् जैसे विचारों ने लोगों के मन में स्वतंत्रता की चेतना जगाई। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद भी गुलामी को स्थायी मान लिया गया था, लेकिन बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने अपने उपन्यास आनंदमठ के माध्यम से वंदे मातरम् जैसी कालजयी रचना देश को दी। वर्ष 1896 में कांग्रेस के मंच से गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा इसे स्वर दिए जाने के बाद यह आजादी के आंदोलन का मंत्र बन गया।

भारत की विरासत पर आधारित हाउस प्रणाली की सराहना

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कॉल्विन तालुकेदार्स कॉलेज द्वारा विद्यार्थियों के लिए अजंता, नालंदा, तक्षशिला, सांची और उज्जैन जैसे ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों के नाम पर हाउस बनाना भारत की गौरवशाली परंपरा को जीवित रखने का उत्कृष्ट प्रयास है।

तक्षशिला दुनिया के प्राचीनतम विश्वविद्यालयों में से एक रहा, जहां ढाई हजार वर्ष पहले ज्ञान, विज्ञान, आयुर्वेद और दर्शन की आधारशिला रखी गई। नालंदा की समृद्ध परंपरा, उज्जैन का खगोल ज्ञान और महाराज विक्रमादित्य का न्याय, अजंता और सांची की स्थापत्य विरासत आज भी भारत की बौद्धिक और सांस्कृतिक ऊंचाई का प्रमाण हैं। इन मूल्यों के आधार पर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का प्रयास सराहनीय है।

ऐतिहासिक उपलब्धियों से जुड़ा महत्वपूर्ण वर्ष

मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, यह वर्ष देश के लिए अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियों से जुड़ा हुआ है। गुरु तेगबहादुर जी की 350वीं शहादत, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 350वीं जयंती, वंदे मातरम् की रचना के 150 वर्ष, सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती, भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूरे होना देश के गौरवपूर्ण इतिहास की स्मृति कराते हैं।

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उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के अयोध्या लौटने का उत्सव केवल अयोध्या तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे देश ने दीपावली के माध्यम से इसे अपनाया। होली सामाजिक समता का पर्व बनी। रामनवमी, जन्माष्टमी, शिवरात्रि और रक्षाबंधन जैसे पर्वों ने समाज को जोड़ने का कार्य किया। हमारे पूर्वजों ने इन पर्वों को परंपरा के रूप में संरक्षित कर पीढ़ियों तक आगे बढ़ाया।

बच्चों को दिया सफलता का मूलमंत्र

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए अनुशासन और परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। नियमित पढ़ाई के साथ किसी न किसी रचनात्मक गतिविधि से जुड़ना चाहिए। समय पर उठना, समय पर सोना और संयमित दिनचर्या स्वस्थ जीवन का आधार है।

उन्होंने सोशल मीडिया और स्मार्टफोन के अत्यधिक उपयोग से बचने की सलाह दी और कहा कि आधे घंटे से अधिक समय तक इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल न करें। भाषा व ज्ञान का विकास समाचार पत्रों और अच्छी पुस्तकों के अध्ययन से होता है, इसलिए पढ़ने की आदत विकसित करने के साथ लाइब्रेरी में जाकर पौराणिक व ऐतिहासिक रचनाओं को पढ़ें।

खेल, फिटनेस और तकनीक पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, पिछले 11 वर्षों में देश में खेलकूद को नई ऊंचाइयां मिली हैं। खेलो इंडिया, फिट इंडिया और सांसद खेलकूद प्रतियोगिताओं के माध्यम से खेल संस्कृति को बढ़ावा मिला है। हर गांव में खेल का मैदान और स्टेडियम होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि ओपन एयर जिम और शारीरिक गतिविधियों को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तकनीक के नए युग में हम प्रवेश कर रहे हैं। हमें तकनीक को आत्मसात करना है। तकनीक हमारा वाहक बने, हमें तकनीक का वाहक नहीं बनना है।

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उन्होंने कहा कि एआई, ड्रोन और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में अवसर हैं, जिनके प्रति जागरूकता आवश्यक है। साथ ही, वैश्विक परिदृश्य में हो रहे उन्नयन कार्यों के प्रति भी अपडेट रहना चाहिए।

कानाफूसी करने वालों से रहने की सलाह

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज में कुछ लोग भ्रम फैलाने का कार्य करते हैं। ऐसे लोगों से दूरी बनाकर अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहना चाहिए। हार से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि उससे सीख लेकर आगे बढ़ना ही सफलता का मार्ग है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को कप और शील्ड देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वाले प्रमुख छात्र-छात्राओं में दिनेश प्रताप सिंह, प्रांजल त्रिपाठी, देवराज सिंह पटेल, आयुषी सिंह और सार्थक त्रिपाठी शामिल रहे।

कार्यक्रम में 11 गोरखा राइफल्स के बैंड ने परेड में मुख्यमंत्री को सलामी दी। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री तथा ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन के अध्यक्ष कीर्तिवर्धन सिंह, पूर्व विधान परिषद सदस्य राकेश प्रताप सिंह, कॉलेज के प्रबंधक मनीष वर्धन सिंह, प्रबंध समिति के सदस्य विनय कुमार सिंह, राजा वीरेंद्र सिंह परमार, कॉलेज के शिक्षक, छात्र-छात्राएं व उनके अभिभावक उपस्थित रहे।

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