सपा नेता रामटेक कटारिया की हत्या में छह दोषियों को आजीवन कारावास

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संचार न्यूज़। ग्रेटर नोएडा में 2019 में दादरी थाना क्षेत्र के गढ़ी गांव में सपा नेता की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के मामले में अदालत ने छह को दोषी करार दिया है। मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय रणविजय प्रताप सिंह ने छह आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और जुर्माना लगाया है। वही इस मामले में तीन आरोपियों को बरी कर दिया गया है।

 

जिला शासकीय सहायक अधिवक्ता नितिन कुमार त्यागी और भाग सिंह भाटी ने बताया कि 31 मई 2019 को दादरी कस्बे के गढ़ी गांव में दिनदहाड़े सपा नेता रामटेक कटारिया की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। रामटेक कटारिया अपने घर के बाहर खड़ा हुआ था तभी एक ऑल्टो और दो बाइको पर सवार होकर आए बदमाशों ने अंधाधुंध गोलियां चलाई जिसमें रामटेक को चार गोलियां लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक रामटेक के भाई प्रवीण ने गढ़ी गांव निवासी बालेश्वर, राणा उर्फ कपिल, अन्नू, कृष्णा व चंद्रपाल और खेड़ी गांव निवासी नितेश उर्फ नित्ते सहित कई अज्ञात के खिलाफ दादरी पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर हत्या का मामला दर्ज करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी कर उन्हें जेल भेज दिया और मामले की चार्जशीट जिला न्यायालय में पेश की।

 

जिला न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें, गवाहों के बयान व सबूत के आधार पर छह आरोपियों को दोषी माना अदालत ने बालेश्वर, कपिल उर्फ राणा, अन्नू कटारिया, कृष्ण, चंद्रपाल और नितेश उर्फ नित्ते को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषियों पर ₹50000 का जुर्माना भी लगाया गया है जुर्माने की रकम जमा ने करने पर 6 महीने अतिरिक्त कारावास की सजा भुगत नहीं होगी। इसके साथ ही जेल में बिताई गई अवधि भी सजा में समायोजित की जाएगी।

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परिवार में बंटवारे के चलते रंजिश में हुई हत्या

गढ़ी गांव निवासी बालेश्वर और रामटेक कटारिया के दादा दोनों सगे भाई थे इसके बाद दोनों में आगे चलकर बंटवारे को लेकर विवाद हो गया। वर्ष 2018 में बालेश्वर के भाई रमेश कटारिया का शव अलीगढ़ में रेलवे ट्रैक के पास मिला। जिसके बाद रमेश की हत्या में रामटेक कटारिया के खिलाफ नाम दर्ज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की जांच करते हुए पुलिस ने रामटेक को निर्दोष मानते हुए केस से उसका नाम निकाल दिया लेकिन बालेश्वर रामटेक कटारिया को ही दोषी मानता था। जिसके चलते उसने अपने साथियों के साथ मिलकर 31 मई 2019 में दिनदहाड़े घर के बाहर खड़े रामटेक कटारिया की गोलियों से भून कर हत्या कर दी थी।

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