यमुना प्राधिकरण में नक्शा होंगे ऑनलाइन पास,एक क्लिक पर मिलेगी अप्रूवल की जानकारी

Sanchar Now
3 Min Read

संचार न्यूज़। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में भवन बनाने से पहले उसका नक्शा पास करने के लिए अब लोगों को प्राधिकरण के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यमुना प्राधिकरण ने भवन मानचित्र स्वीकृत करने के लिए बिल्डिंग प्लान मैनेजमेंट सिस्टम को पोर्टल पर अपलोड कर दिया है। इससे ऑनलाइन नक्शे पास हो सकेंगे वही प्राधिकरण की वेबसाइट से आर्किटेक्ट काउंसलिंग ऑफ इंडिया को भी जोड़ दिया गया है। अब नशे की जानकारी एक क्लिक पर ऑनलाइन उपलब्ध होगी।

 

दरअसल, यमुना प्राधिकरण ने अपनी 32 सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया है। पहले चरण में सात दूसरे चरण में दस और अब तीसरे चरण में सभी सेवाएं पूरी तरह से ऑनलाइन हो गई है। ऑनलाइन शुरू होने वाली सेवाओं में नक्शा पास करने के अलावा रजिस्ट्री के लिए आवेदन, ऑनलाइन सत्यापन, ऑनलाइन पेमेंट, सीवर, पानी के बिल, संपत्ति से जुड़े कार्य, ऑनलाइन कब्जा प्राप्त करना आदि सुविधाएं शामिल है। जिससे अब लोगों को प्राधिकरण के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उन्हें ऑनलाइन ही एक क्लिक पर सभी जानकारी आसानी से उपलब्ध हो जाएगी।

 

यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह ने बताया कि प्राधिकरण क्षेत्र के रेजिडेंशियल सेक्टर 16, 17, 18, 20, 22 ए और 22 डी की प्रॉपर्टीयो का पूरा डाटा पूर्व में ही तैयार किया जा चुका है। यह सुविधा तीन तरह के लोगों के लिए उपलब्ध रहेगी पहले एलॉटी उसके लिए यूजर पासवर्ड रहेगा इसके साथ ही दूसरे आर्किटेक्ट उनका यूजर पासवर्ड होगा और प्राधिकरण में जिस स्तर पर अप्रूवल होना है उसे अधिकारी का अपना यूजर पासवर्ड होगा। सीईओ ने बताया कि आर्किटेक्ट काउंसिल आफ इंडिया में जितने आर्किटेक्ट रजिस्टर्ड हैं कोई भी एलॉटी ऑनलाइन जाकर इनमें से किसी को भी अपना मैप (नक्शा) बनवाने के लिए चुन सकता है। इसके लिए एलॉटी उसे कागजात देगा और फिर आर्किटेक्ट ने अप्लाई किया है या नहीं वह अपने डेस्कटॉप पर देख सकता है। इसके साथ ही अप्रूवल किस स्टेज पर है और किसी अधिकारी के पास है यह भी ऑनलाइन दिखता रहेगा जिसे एलॉटी चेक कर सकता है।

पढ़ें  ड्रोन टेक्नोलॉजी का भविष्य में ट्रांसपोर्टेशन के लिए किया जाएगा उपयोग

 

अरुणवीर सिंह ने बताया कि प्राधिकरण में प्रत्येक समस्या को 15 दिन में हल करना आवश्यक होगा। कितनी समस्याएं और कार्य लंबित पड़े हैं इसकी मॉनिटरिंग स्वयं ओएसडी से लेकर सीईओ स्तर के अधिकारी कर सकेंगे। यदि किसी कार्य को 15 दिन से अधिक समय हो जाता है तो उसकी मैसेज के माध्यम से सूचना आला अधिकारी तक पहुंच जाएगी। जिसके आधार पर अधिकारियों का भी मूल्यांकन किया जा सकेगा और फिर अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। यमुना प्राधिकरण में यह सुविधा इंस्टीट्यूशन और रेजिडेंशियल में भी 15 दिनों के अंदर लागू कर दी जाएगी इसके साथ ही उन्होंने बताया कि प्राधिकरण में डाक मैनेजमेंट सिस्टम, फाइल मैनेजमेंट सिस्टम और सिटीजन चार्टर को भी ऑनलाइन कर दिया गया है।

Share This Article
Follow:
Sanchar Now is Digital Media Platform through which we are publishing international, national, states and local news mainly from Western Uttar Pradesh including Delhi NCR through Facebook, YouTube, Instagram, Twitter and our portal www.sancharnow.com
Leave a Comment