शादी न करने पर की थी मोनिका की हत्या, दो साल बाद मिले कंकाल से खुलेंगे राज; जानिए क्या है पूरा मामला

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दिल्ली पुलिस ने मोनिका यादव मर्डर मामले का खुलासा दो साल बाद किया.  मोनिका यादव ने 2019 में दिल्ली पुलिस से इस्तीफा दे दिया था.  दो दिन पहले मृतक महिला कांस्टेबल की कथित हत्या और उसके शरीर के अवशेषों को नाले के पास गड्ढे में छिपाने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने अपने ही एक हेडकांस्टेबल को दो साल बाद गिरफ्तार किया था. स्‍पेशल सीपी क्राइम रवींद्र सिंह यादव ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि आरोपी हेडकांस्टेबल सुरेंद्र सिंह राणा  की निशानदेही के बाद पीड़िता का कंकाल दो साल बाद बरामद किया था.

स्पेशल सीपी क्राइम रविंद सिंह यादव ने कहा कहा, ’20 अक्टूबर, 2021 को मुखर्जी नगर पुलिस स्टेशन में एक 28 वर्षीय महिला के बारे में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी, जो 8 सितंबर, 2021 से लापता थी. स्थानीय पुलिस ने लापता महिला का पता लगाने के लिए कड़ी मेहनत की थी, लेकिन दुर्भाग्य से उसका पता नहीं चल सका. उस समय महिला को यूपी पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के रूप में चुना गया था और वह सक्रिय रूप से सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी, जिसके कारण उसने दिल्ली पुलिस से इस्तीफा दे दिया.’

परिजनों ने की थी क्राइम ब्रांच से जांच की मांग

इस केस केा बाद में मृतका के परिवार के अनुरोध पर मामला दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दिया गया, जहां पुलिस आयुक्त जांच की निगरानी कर रहे थे. आगे की जांच के दौरान पता चला कि पीड़िता के परिजनों को गुमराह करने वाली कॉल की गई थी. ऐसी ही एक कॉल का पता लगाया गया था. आगे की पूछताछ से पता चला कि राजपाल नाम के एक व्यक्ति ने फर्जी सिम कार्ड खरीदा था और उसने रविंद्र नाम के एक व्यक्ति के कहने पर ऐसा करने की बात कबूल की. रविंद्र से पूछताछ में पता चला कि वह राणा का बहनोई था, जिसके लापता महिला के साथ करीबी रिश्ते होने की जानकारी थी. गहन पूछताछ करने पर राणा ने पीड़िता की हत्या में शामिल होने की बात कबूल कर ली.

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रिश्तों में खटास आने की बाद की हत्या

स्पेशल सीपी रविंद सिंह यादव के मुताबिक आरोपी ने पूछताछ के दौरान कबूल किया कि वह लड़की को 2018 से जानता था, जब वे दोनों पीसीआर यूनिट में तैनात थे. समय के साथ उनके बीच गहरी दोस्ती हो गई थी. हालांकि, 2021 में उनके रिश्ते में खटास आ गई, क्योंकि पीड़िता ने उसकी मांगों को मानने से इनकार कर दिया, जिसके कारण 8 सितंबर, 2021 को तीखी बहस हुई. इसके बाद राणा पीड़िता को बुराड़ी पुश्ता ले गया, जहां उसने उसका गला घोंट दिया और बाद में उसे पास के नाले में डुबो दिया.

पीड़िता के बारे में देता रहा गलत जानकारी

मृतका मोनिका यादव का शव दोबारा सतह पर आने से रोकने के लिए उसने उस पर पत्थर रख दिए. आगे की जांच से पता चला कि 11 नवंबर, 2021 को राणा ने अपने बहनोई से अलग-अलग फोन नंबरों का उपयोग करके पीड़िता के परिवार के सदस्यों को कॉल कराई, और पीड़िता के बारे में गलत जानकारी दी. उन्होंने यहां तक दावा किया कि वह शादीशुदा है और पंजाब में रह रही है. राणा के निर्देशों के अनुसार रविंद्र ने पीड़िता के परिवार को कई बार फोन किया और कहा कि वह पंजाब के विभिन्न स्थानों में उसके साथ खुशी से रह रही है. राणा ने इस बात की भी जानकारी दी कि पीड़िता के कंकाल के अवशेष अंततः बुरारी पुश्ता क्षेत्र से बरामद किया गया. इन अवशेषों को आगे की जांच के लिए पुलिस हिरासत में ले लिया गया है, जिसमें पुष्टि के लिए डीएनए प्रोफाइलिंग भी शामिल है.

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