‘मेरा बेटा 2 घंटे तक तड़पता रहा’, पिता के बयान के बाद नोएडा अथॉरिटी के JE बर्खास्त; कठघरे में सिस्टम

Sanchar Now
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ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र स्थित सेक्टर-150 में निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में डूबकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के मौत का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है. इस बीच अब नोएडा ऑथोरिटी ने बड़ी कार्रवाई की है. प्राधिकरण ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एक्शन लिया है.

नोएडा प्राधिकरण द्वारा देर रात प्रेस नोट जारी कर बताया गया कि सेक्टर-150 क्षेत्र के आसपास यातायात संबंधी कार्यों के लिए जिम्मेदार संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. वहीं, नोएडा ट्रैफिक सेल विभाग में तैनात जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं.

प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम ने इस मामले में लोटस बिल्डर के आवंटन और निर्माण कार्य से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट संबंधित विभागों से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही ये भी स्पष्ट किया कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

सीईओ ने सभी विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों में चल रही निर्माणाधीन परियोजनाओं की री-इंस्पेक्शन करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके. प्राधिकरण का कहना है कि दोषियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

जानिए पूरा मामला 

आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में एक कंस्ट्रक्शन साइट पर पानी से भरे गड्ढे में कार गिरने से 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के बाद, नोएडा अथॉरिटी ने एक जूनियर इंजीनियर को नौकरी से निकाल दिया है और इलाके में ट्रैफिक से जुड़े कामों के लिए जिम्मेदार दूसरे अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं.

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रविवार रात एक ऑफिशियल बयान में, अथॉरिटी ने कहा कि उसके चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, लोकेश एम, ने इस मामले में सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है और नोएडा ट्रैफिक सेल के जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार को तुरंत नौकरी से निकालने का निर्देश दिया है.

इसके अलावा, सेक्टर-150 और उसके आसपास ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए जिम्मेदार दूसरे संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं.

बयान में कहा गया है कि CEO ने डेवलपर लोटस के अलॉटमेंट और कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी के बारे में संबंधित विभागों से डिटेल रिपोर्ट मांगी है और साइट पर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करने का निर्देश दिया है.

यह कहते हुए कि कंस्ट्रक्शन साइटों पर सुरक्षा नियमों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, अथॉरिटी ने कहा कि सभी विभागों को अपने-अपने इलाकों में चल रहे कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में सुरक्षा उपायों का फिर से निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है ताकि ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोका जा सके.

सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की हुई थी मौत

यह कार्रवाई सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद हुई है, जो टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी के रहने वाले थे.उनकी कार शनिवार तड़के सेक्टर 150 में एक निर्माणाधीन इमारत के बेसमेंट के लिए खोदे गए 20 फीट से ज़्यादा गहरे, पानी से भरे गड्ढे में गिर गई थी. हादसे के बाद लापरवाही और बचाव प्रयासों में देरी के आरोप लगे हैं.

पुलिस ने बताया कि मेहता, जो गुरुग्राम की एक कंपनी में काम करते थे, घने कोहरे के बीच काम से घर लौट रहे थे तभी यह हादसा हुआ. फायर डिपार्टमेंट, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF), नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) और स्थानीय पुलिस की टीमों द्वारा चलाए गए सर्च ऑपरेशन के बाद उनका शव बरामद किया गया.

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एक चश्मदीद, जो एक डिलीवरी एजेंट था, ने दावा किया कि बचाव प्रयासों में देरी हुई और सुझाव दिया कि अगर कार्रवाई तेज़ी से की जाती तो मेहता बच सकते थे. निवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने हादसे वाली जगह पर अपर्याप्त बैरिकेडिंग और रिफ्लेक्टर की कमी का आरोप लगाया।

पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत पर दो रियल एस्टेट डेवलपर्स के खिलाफ FIR दर्ज की है, जबकि बचाव अभियान में लापरवाही से इनकार किया है. विरोध प्रदर्शनों के बाद, नोएडा अथॉरिटी ने उस जगह पर बैरिकेड लगा दिए हैं.

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