नोएडा। नववर्ष के अवसर पर जिले में सुरक्षा को लेकर व्यापक और सुदृढ़ व्यवस्था की गई। पूरे जनपद को एक मजबूत “सुरक्षा कवच” में रखते हुए प्रशासन ने हर स्तर पर निगरानी सुनिश्चित की, ताकि लोग बेफिक्र होकर नए साल का जश्न मना सकें।
तीन सुपर जोन में बंटा पूरा जिला
सुरक्षा के लिहाज से गौतमबुद्ध नगर जिले को तीन सुपर जोन, 10 जोन, 27 सेक्टर और 119 सब-सेक्टर में विभाजित किया गया। इस रणनीतिक विभाजन से हर क्षेत्र पर प्रभावी नियंत्रण रखा गया और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी रही।
तीन हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती
भीड़भाड़ वाले इलाकों, मॉल, बाजारों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सामान्य पुलिस के साथ-साथ पीएसी और स्पेशल टीमों को तैनात किया गया। कुल मिलाकर तीन हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी सुरक्षा मोर्चे पर डटे रहे। तीनों जोन में देर रात तक पैदल मार्च और सघन चेकिंग अभियान चलाए गए, जिससे माहौल पूरी तरह सुरक्षित बना रहा।
जश्न मनाने वालों को सुरक्षित पहुंचाया गया घर
नए साल का जश्न मनाकर लौट रहे लोगों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा गया। पुलिसकर्मियों ने कई स्थानों पर लोगों को उनके घर या गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाया, जिससे किसी भी तरह की अव्यवस्था या दुर्घटना से बचाव हो सके।
मॉल और बाजारों में रही रौनक
नववर्ष के मौके पर मॉल, बाजार, सेक्टर और सोसायटी में खासा उत्साह देखने को मिला। जीआईपी मॉल, गार्डन गैलेरिया, एडवांट, वेनिस, गौर और स्पेक्ट्रम मॉल जैसे प्रमुख स्थानों पर देर रात तक लोग नए साल का स्वागत करते नजर आए। इन सभी जगहों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
वरिष्ठ अधिकारियों की कड़ी निगरानी
गौतमबुद्ध नगर के अपर पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि तीनों जोन में लगभग तीन हजार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसमें आठ डीसीपी, पांच एडीसीपी, 15 एसीपी, 75 निरीक्षक, 750 उपनिरीक्षक, 117 महिला उपनिरीक्षक, 1470 मुख्य आरक्षी व आरक्षी और 473 महिला आरक्षी शामिल थीं। सभी जोन के डीसीपी द्वारा पुलिसकर्मियों की ऑडिटिंग भी की गई।
पीएसी और हेल्पडेस्क रही सक्रिय
सात कंपनी पीएसी दंगा निरोधक उपकरणों के साथ तैनात रही। कानून व्यवस्था से बाहर जाने वालों पर सख्ती बरती गई। इसके साथ ही हेल्पडेस्क के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को तुरंत सहायता प्रदान की गई, जिससे नववर्ष का आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित रहा।


