संचार नाउ, फरीदाबाद। फरीदाबाद में भारतीय जनता पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी रविवार को खुलेआम सामने आ गई। सेक्टर-12 स्थित टाउन पार्क में बनी नवनिर्मित लाइब्रेरी का एक ही दिन में दो बार उद्घाटन कराया गया। हैरानी की बात यह रही कि दोनों कार्यक्रमों के बीच केवल ढाई घंटे का अंतर रहा, जिससे सियासी खींचतान सार्वजनिक मंच पर दिखाई देने लगी।
पहला रिबन कटते ही लाइब्रेरी ‘उद्घाटित’
रविवार को राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर फरीदाबाद पहुंचे। उन्होंने सेक्टर-16 स्थित कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के कार्यालय में ‘मन की बात’ कार्यक्रम सुना। इसके बाद दोपहर करीब साढ़े 12 बजे सांसद सुरेंद्र नागर, कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल और राज्य मंत्री राजेश नागर सेक्टर-12 स्थित टाउन पार्क पहुंचे। तीनों नेताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में बनी लाइब्रेरी का रिबन काटकर उद्घाटन किया।
अटल स्मृति से जुड़ी लाइब्रेरी
टाउन पार्क में निर्मित यह लाइब्रेरी हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में बनाई गई है। पहले उद्घाटन के दौरान स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भी मौजूदगी रही।
ढाई घंटे बाद दूसरा उद्घाटन, फिर सजा मंच
पहले उद्घाटन के लगभग ढाई घंटे बाद केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर बड़खल विधायक धनेश अदलखा, एनआईटी विधायक सतीश फागना, होडल विधायक, मेयर प्रवीण बत्रा और जिला अध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल सहित अन्य नेताओं के साथ टाउन पार्क पहुंचे।
केंद्रीय राज्य मंत्री के आगमन से पहले लाइब्रेरी पर दोबारा रिबन लगाया गया और फिर कृष्णपाल गुर्जर ने रिबन काटकर दोबारा उद्घाटन किया।

शिलापट्ट पर नामों की राजनीति
उद्घाटन स्थल पर लगे शिलापट्ट पर सबसे ऊपर केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर का नाम दर्ज है, जबकि नीचे कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल और राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर के नाम अंकित हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री ने इसी शिलापट्ट के सामने समर्थकों के साथ फोटो खिंचवाए, जो राजनीतिक संदेश देने के रूप में देखा गया।

बोर्ड से कपड़ा हटाने तक दिखी खींचतान
लाइब्रेरी के उद्घाटन के लिए लगाए गए बोर्ड पर मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय राज्य मंत्री का नाम दर्शाया गया था। इसके बावजूद कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर के साथ मिलकर बोर्ड से कपड़ा हटाया और तस्वीरें खिंचवाईं। इसके बाद तीनों नेताओं ने संयुक्त रूप से रिबन काटा।
सियासी संकेत साफ, सवाल बरकरार
एक ही लाइब्रेरी का दो बार उद्घाटन होना फरीदाबाद की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। यह घटनाक्रम न केवल समन्वय की कमी को उजागर करता है, बल्कि बीजेपी के भीतर चल रही अंदरूनी गुटबाजी को भी साफ तौर पर सामने लाता नजर आया।

